Breaking News
7000 बीघा सरकारी जमीन पर घमासान, कांग्रेस ने धामी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
7000 बीघा सरकारी जमीन पर घमासान, कांग्रेस ने धामी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
उत्तराखण्ड में पार्किंग सुविधाओं का हुआ विकास
उत्तराखण्ड में पार्किंग सुविधाओं का हुआ विकास
नैनीताल में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 12 हजार किलो लहन नष्ट और 125 लीटर कच्ची शराब बरामद
नैनीताल में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 12 हजार किलो लहन नष्ट और 125 लीटर कच्ची शराब बरामद
सेवा संकल्प अभियान मोदी के विकसित भारत-2047 का संकल्प- महाराज
सेवा संकल्प अभियान मोदी के विकसित भारत-2047 का संकल्प- महाराज
भारत को बड़ा झटका- एशियाई गेम्स से बाहर हुए वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह
भारत को बड़ा झटका- एशियाई गेम्स से बाहर हुए वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह
बांग्लादेश के अखबार के न्यूजरूम में वरिष्ठ हिंदू पत्रकार का शव मिला, जांच की मांग
बांग्लादेश के अखबार के न्यूजरूम में वरिष्ठ हिंदू पत्रकार का शव मिला, जांच की मांग
डोडा में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, ऑपरेशन अशदर में ढेर आतंकी का शव बरामद
डोडा में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, ऑपरेशन अशदर में ढेर आतंकी का शव बरामद
अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
एसजीआरआरयू में तंबाकू के खिलाफ गूंजी हुंकार, सैकड़ों युवाओं ने लिया संकल्प
एसजीआरआरयू में तंबाकू के खिलाफ गूंजी हुंकार, सैकड़ों युवाओं ने लिया संकल्प

उत्तराखंड सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत मिलने वाली सब्सिडी बंद करने का लिया फैसला 

उत्तराखंड सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत मिलने वाली सब्सिडी बंद करने का लिया फैसला 

यह बदलाव 31 मार्च 2025 के बाद किए गए नए आवेदनों पर होगा लागू 

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत घरेलू छतों पर सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाली राज्य की 51 हजार रुपये तक की सब्सिडी बंद करने का फैसला लिया है। अब उपभोक्ताओं को केवल केंद्र सरकार की अधिकतम 85,800 रुपये की सब्सिडी पर ही निर्भर रहना होगा। यह बदलाव 31 मार्च 2025 के बाद किए गए नए आवेदनों पर लागू होगा।

इससे पहले, योजना के तहत एक किलोवाट के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार 33 हजार और राज्य सरकार 34 हजार रुपये की सब्सिडी देती थी। दो किलोवाट पर केंद्र से 66 हजार और राज्य से 34 हजार, जबकि तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले प्लांट पर केंद्र से 85,800 और राज्य से 51 हजार रुपये की सहायता दी जाती थी।

अब नई व्यवस्था में, यदि कोई उपभोक्ता तीन किलोवाट का सोलर प्लांट लगाना चाहता है, तो उसे लगभग 1,29,200 रुपये अपनी जेब से खर्च करने होंगे। पहले यही लागत 78,200 रुपये आती थी। यानी अब उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर 51 हजार रुपये तक का अतिरिक्त खर्च उठाना होगा।

राज्य सरकार का कहना है कि यह फैसला केंद्र सरकार के सुझाव पर लिया गया है, जिसमें राज्यों से अनुरोध किया गया था कि वे केंद्र की योजनाओं में अपनी सब्सिडी देने के बजाय, उस राशि का उपयोग अन्य स्थानीय योजनाओं में करें। इसके तहत यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) को निर्देश दिया गया है कि अब उपभोक्ताओं को आवेदन करते समय स्पष्ट रूप से बताया जाए कि राज्य की ओर से कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी।

हालांकि, प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2025 तक किए गए आवेदनों पर पुरानी व्यवस्था लागू रहेगी और उन्हें राज्य सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

इस निर्णय से सोलर पैनल लगाने के इच्छुक उपभोक्ताओं को निराशा हो सकती है, क्योंकि अब उन्हें अधिक निवेश करना पड़ेगा।

वहीं इस फैसले पर वेंडरों ने रोष व्यक्त किया है | उनका कहना है की सरकार को इस फैसले पर लिखित रूप से आदेश जारी करने चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top