Breaking News
टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य आगाज़
टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य आगाज़
छह माह के लिए खुले सिद्धपीठ लाटू देवता के द्वार, परंपराओं के साथ हुआ आयोजन
छह माह के लिए खुले सिद्धपीठ लाटू देवता के द्वार, परंपराओं के साथ हुआ आयोजन
सीएम धामी ने श्री पीठम स्थापना महोत्सव में 1100 कन्याओं का पूजन व माँ राजेश्वरी का किया अभिषेक
सीएम धामी ने श्री पीठम स्थापना महोत्सव में 1100 कन्याओं का पूजन व माँ राजेश्वरी का किया अभिषेक
बुजुर्ग समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर-सीएम धामी
बुजुर्ग समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर-सीएम धामी
धामी कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मुहर
धामी कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मुहर
लूट के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, एक आरोपी ढेर, इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ घायल
लूट के बाद पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़, एक आरोपी ढेर, इंस्पेक्टर नरेश राठौड़ घायल
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का सख्त अभियान जारी, सेक्टरवार टीमें सक्रिय, ध्वस्तीकरण व सीलिंग की लगातार कार्रवाई
अवैध निर्माणों पर एमडीडीए का सख्त अभियान जारी, सेक्टरवार टीमें सक्रिय, ध्वस्तीकरण व सीलिंग की लगातार कार्रवाई
जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन: नियम तोड़ने पर 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त
जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन: नियम तोड़ने पर 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का सख्त एक्शन, मेहुवाला में 10 बीघा जमीन पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनी ध्वस्त
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का सख्त एक्शन, मेहुवाला में 10 बीघा जमीन पर विकसित हो रही अवैध कॉलोनी ध्वस्त

धराली आपदा के कारणों की पड़ताल में जुटे शीर्ष वैज्ञानिक

धराली आपदा के कारणों की पड़ताल में जुटे शीर्ष वैज्ञानिक

भूस्खलन शमन, भूविज्ञान और भवन अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ कर रहे स्थलीय जांच

धराली। आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में नुकसान और घटना के संभावित कारणों की जांच के लिए शासन द्वारा गठित विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुँची। टीम में उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केंद्र (ULMMC) के निदेशक शांतनु सरकार, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) रुड़की के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. डी.पी. कानूनगो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के निदेशक रवि नेगी, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार और ULMMC के प्रधान सलाहकार मोहित कुमार शामिल रहे।

विशेषज्ञों ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मलबे के नमूनों का संग्रह किया, खीरगाड़ के प्रवाह क्षेत्र और मलबे के फैलाव का अध्ययन किया तथा स्थानीय निवासियों से प्रत्यक्ष जानकारी जुटाई। जांच का कार्य आगे भी जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top