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कैरिबियाई देशों में तबाही: तूफान ‘मेलिसा’ की चपेट में क्यूबा, हैती और जमैका, कई लोगों की मौत

कैरिबियाई देशों में तबाही: तूफान ‘मेलिसा’ की चपेट में क्यूबा, हैती और जमैका, कई लोगों की मौत

सदी के सबसे भीषण तूफानों में शामिल ‘मेलिसा’, 295 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवाएं

सैंटियागो डी क्यूबा।  सदी के सबसे शक्तिशाली तूफानों में शामिल ‘मेलिसा’ ने क्यूबा, हैती और जमैका में भारी तबाही मचा दी है। 295 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने सैकड़ों घरों की छतें उड़ा दीं, पेड़-पौधे और बिजली के खंभे उखाड़ दिए, जबकि दर्जनों लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हजारों परिवार बेघर हो गए हैं और कई इलाके अब भी पानी में डूबे हैं।

जमैका के सेंट एलिजाबेथ जिले में भूस्खलन के कारण मुख्य सड़कें बंद हैं। कई घरों में कमर तक पानी भरा है, और राहत शिविरों में करीब 25 हजार से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं। बिजली मंत्री डिक्सन के मुताबिक, 77 प्रतिशत इलाके अंधेरे में डूबे हैं। प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस ने कहा कि “पुनर्निर्माण में समय लगेगा, लेकिन सरकार राहत कार्य में पूरी तरह जुटी है।”

हैती में 25 लोगों की मौत और 18 के लापता होने की पुष्टि हुई है। नागरिक सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, दक्षिणी तटीय इलाकों में बाढ़ से कई घर बह गए हैं। पेटिट-गोआव कस्बे में 160 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त और 80 पूरी तरह तबाह हो गए। मृतकों में 10 बच्चे भी शामिल हैं।

क्यूबा के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में हालात बेहद गंभीर हैं। कई इमारतें जमींदोज हो गईं, सड़कें बंद हैं और अस्पतालों में क्षति हुई है। 7.3 लाख से अधिक लोग अब भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। राष्ट्रपति मिगेल डियास-कानेल ने कहा कि जैसे ही मौसम स्थिर होगा, पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अब यह तूफान श्रेणी-2 में कमजोर हुआ है और अगले कुछ घंटों में बहामास में तेज हवाओं और बाढ़ का कारण बन सकता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मदद की पेशकश शुरू हो गई है। संयुक्त राष्ट्र एजेंसियां और अमेरिकी राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में सहायता भेजने की तैयारी में हैं। वहीं, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि असली नुकसान का आंकलन बिजली और संचार बहाल होने के बाद ही संभव होगा।

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