Breaking News
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
क्राइम मीटिंग में एसएसपी का कडा रूख, लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों को दी सख्त हिदायत
क्राइम मीटिंग में एसएसपी का कडा रूख, लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों को दी सख्त हिदायत
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज
‘जन नायकन’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, दो दिन में पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा
‘जन नायकन’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, दो दिन में पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक
ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंसः हर युवा का भविष्य बचाना हमारी प्राथमिकता- डीएम
ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंसः हर युवा का भविष्य बचाना हमारी प्राथमिकता- डीएम
उत्तराखंड पुलिस के निलंबित सिपाही शेर सिंह के तथाकथित “इस्तीफे” को लेकर उठे सवाल
उत्तराखंड पुलिस के निलंबित सिपाही शेर सिंह के तथाकथित “इस्तीफे” को लेकर उठे सवाल
राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल ने उठाया नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर का मुद्दा, गडकरी ने दी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट
राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल ने उठाया नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर का मुद्दा, गडकरी ने दी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, स्कूलों में छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी पैड देना अनिवार्य

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, स्कूलों में छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी पैड देना अनिवार्य

निजी स्कूलों को चेतावनी- नियम न मानने पर रद्द हो सकती है मान्यता

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त बायोडिग्रेडेबल सैनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाएं। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि मासिक धर्म से जुड़ा स्वास्थ्य और स्वच्छता, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।

छात्राओं की बुनियादी सुविधाओं पर सख्त रुख

अदालत ने कहा कि स्कूलों में शौचालय और मासिक धर्म स्वच्छता की सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकारों की जिम्मेदारी है। यदि राज्य सरकारें और संबंधित प्राधिकरण इस दिशा में विफल रहते हैं, तो उन्हें इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने यह निर्देश कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए जारी किया है, जिसमें केंद्र सरकार की मासिक धर्म स्वच्छता नीति को पूरे देश में लागू करने पर जोर दिया गया है।

निजी स्कूलों को सख्त चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों को चेताते हुए कहा कि यदि वे छात्राओं और छात्रों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था नहीं करते और छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी पैड उपलब्ध कराने में असफल रहते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है। अदालत ने दो टूक कहा कि मासिक धर्म स्वास्थ्य केवल सुविधा नहीं, बल्कि एक मौलिक अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शौचालय व्यवस्था पर भी निर्देश

शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि स्कूलों में लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग शौचालय हों। इसके साथ ही दिव्यांग छात्रों के अनुकूल शौचालयों की उपलब्धता को भी अनिवार्य बताया गया है।

जनहित याचिका पर आया फैसला

गौरतलब है कि यह फैसला जया ठाकुर द्वारा दायर जनहित याचिका पर आया है, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक की किशोर छात्राओं के लिए सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में केंद्र सरकार की ‘स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता नीति’ को पूरे देश में लागू करने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 10 दिसंबर 2024 को फैसला सुरक्षित रखा था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top