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लापता बबीता की तलाश के लिए प्रशासन खाली करा रहा है गहरी झील, भालुओं की गुफाओं में भी सर्चिंग तेज

लापता बबीता की तलाश के लिए प्रशासन खाली करा रहा है गहरी झील, भालुओं की गुफाओं में भी सर्चिंग तेज

उत्तरकाशी: दयारा बुग्याल ट्रेक पर ट्रेकिंग के दौरान लापता हुई युवती बबीता पांडे की तलाश में अब उत्तराखंड प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। समय बीतने के साथ ही इस सर्च ऑपरेशन का दायरा और अधिक बढ़ा दिया गया है। लापता बबीता का कोई भी सुराग हाथ न लगने के बाद, अब रेस्क्यू टीमें बेहद दुर्गम इलाकों, घने जंगलों और प्राकृतिक आश्रयों की खाक छान रही हैं।

इस रेस्क्यू ऑपरेशन में अब एक नया और बड़ा कदम उठाया गया है। गोई पड़ाव क्षेत्र में स्थित लगभग साढ़े सात फीट गहरी और 50 मीटर से अधिक चौड़ी एक प्राकृतिक झील को खाली करने का काम शुरू किया गया है। खोज टीम को अंदेशा है कि बबीता से जुड़ा कोई अहम सुराग, उनका मोबाइल फोन या अन्य कोई सामान इस झील में गिरा हो सकता है। इस संभावना को देखते हुए मौके पर दो भारी-भरकम वाटर पंप लगाए गए हैं, जिनकी मदद से बुधवार शाम तक झील का एक बड़ा हिस्सा खाली कर दिया गया था।

लापता युवती की तलाश के लिए पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और आपदा प्रबंधन विभाग की संयुक्त टीमें बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रही हैं। चूंकि यह इलाका वन्य जीवों से भरा है, इसलिए रेस्क्यू टीमें उन संभावित गुफाओं और प्राकृतिक आश्रयों को भी दोबारा खंगाल रही हैं जहाँ भालुओं की मौजूदगी की आशंका रहती है। अधिकारियों का साफ कहना है कि इस मामले में किसी भी छोटी से छोटी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए खाइयों और घने वन क्षेत्रों के हर कोने की गहन जांच की जा रही है।

प्रशासन के मुताबिक, बबीता पांडे को सुरक्षित ढूंढ निकालने के लिए सभी आधुनिक तकनीकी माध्यमों और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है और यह खोजी अभियान बिना रुके लगातार जारी रहेगा।

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