नैनीताल। जिलाधिकारी महोदय के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय, नैनीताल का स्थलीय/औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी सहित संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में कार्यालय अभिलेखों, विकास योजनाओं, वित्तीय प्रकरणों, नक्शा पास करने की प्रक्रिया, कर वसूली, परिसंपत्तियों तथा कार्यालयीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान केन्द्र पोषित एवं राज्य पोषित योजनाओं तथा 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के अपेक्षित उपयोग की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 से विभिन्न मदों में प्राप्त लगभग 17-18 करोड़ रुपये की धनराशि के उपयोग की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा जिला योजना, सांसद निधि एवं विधायक निधि से प्राप्त धनराशि तथा उसके उपयोग का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्वीकृत योजनाओं का समयबद्ध प्रस्ताव, क्रियान्वयन एवं धनराशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
नक्शा प्रकरणों की जांच के निर्देश
निरीक्षण के दौरान भवन/नक्शा पास करने से संबंधित अभिलेखों की जांच में कुछ प्रकरणों में आवश्यक तिथियां, हस्ताक्षर, शुल्क जमा होने संबंधी अभिलेख एवं रसीद आदि के संबंध में कमियां पाए जाने की जानकारी सामने आई। मुख्य विकास अधिकारी ने प्रकरणों की विस्तृत जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
नक्शा प्रकरणों की जांच पूर्ण होने तक जेई सहित संबंधित तीन कार्मिकों को जिला पंचायत कार्यालय से अन्य कार्यालय में संबद्ध (अटैच) किए जाने के निर्देश दिए गए। इस संबंध में जिलाधिकारी महोदय से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
कार्यालय अभिलेखों के रखरखाव पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान डिस्पैच रजिस्टर में भी अनियमितता पाए जाने की जानकारी सामने आई। टीम के निरीक्षण के दौरान ही रजिस्टर में प्रविष्टियां किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसी प्रकार कनिष्ठ एवं वरिष्ठ अभियंताओं से संबंधित लगभग 50 से 55 पत्रावलियां कार्यालय से बाहर, हल्द्वानी स्थित आवास पर रखे जाने की जानकारी सामने आने पर भी मुख्य विकास अधिकारी ने गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना शासकीय पत्रावलियों को कार्यालय से बाहर रखना उचित नहीं है। प्रकरण को जिलाधिकारी महोदय के संज्ञान में लाते हुए नियमानुसार जांच एवं कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली की होगी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यालय में अनुपस्थित रहने तथा लंबे समय तक कार्यालय में उपस्थित न होने की शिकायत/जानकारी भी सामने आई। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी द्वारा वर्ष 2026 में सीएल उपभोग से संबंधित अभिलेखों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कर्मचारियों की उपस्थिति एवं अवकाश प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का भी पुनरीक्षण किया जाएगा तथा अनधिकृत अनुपस्थिति पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कर वसूली एवं परिसंपत्तियों की स्थिति की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत की कर वसूली की स्थिति में कमी तथा संबंधित रिपोर्ट समय से उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला भी सामने आया। टैक्स कलेक्शन की नियमित समीक्षा करने तथा लंबित कर की वसूली के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायत की परिसंपत्तियों के संबंध में भी अभिलेखों की जांच की गई। वर्ष 1955-56 से चली आ रही कुछ लीजों के नवीनीकरण एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए परिसंपत्तियों का अद्यतन विवरण तैयार करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अवैध निर्माण एवं होम स्टे के संबंध में कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत क्षेत्र में अवैध निर्माण तथा बिना पंजीकरण संचालित होम स्टे से संबंधित प्रकरणों की भी जानकारी ली गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे प्रकरणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही कूड़ा निस्तारण, सड़कों की स्थिति, गड्ढों को भरने तथा विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका एवं आवश्यकता की समीक्षा कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
दो घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण में सामने आए सभी बिंदुओं, लंबित प्रकरणों, वित्तीय स्थिति, योजनाओं की प्रगति एवं कार्यालयीय व्यवस्थाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निर्धारित समय में प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रकरणों की समग्र रिपोर्ट जिलाधिकारी महोदय को प्रेषित की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि निरीक्षण में सामने आए बिंदुओं की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य एवं जिम्मेदारी सामने आएगी, उसके आधार पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालयीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अर्थ एवं संख्या अधिकारी डॉ. मुकेश नेगी, पटवारी भीमताल हेम जोशी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

