Breaking News
मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर पीजी, एसआर और जेआर डॉक्टरों को दिया स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा, धरना स्थगित
मंत्री सुबोध उनियाल ने दून अस्पताल पहुंचकर पीजी, एसआर और जेआर डॉक्टरों को दिया स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा, धरना स्थगित
17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक जनपद नैनीताल में चलेगा “सेवा संकल्प अभियान”
17 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक जनपद नैनीताल में चलेगा “सेवा संकल्प अभियान”
धामों में मुख्यमंत्री के दीर्घायु और प्रदेश की सुख-समृद्धि, द्वितीय चरण की सकुशल यात्रा के लिए की गयी प्रार्थना: हेमंत द्विवेदी
धामों में मुख्यमंत्री के दीर्घायु और प्रदेश की सुख-समृद्धि, द्वितीय चरण की सकुशल यात्रा के लिए की गयी प्रार्थना: हेमंत द्विवेदी
जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के फैसले से मचा सियासी घमासान, राहुल गांधी ने उठाए सवाल
यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने के फैसले से मचा सियासी घमासान, राहुल गांधी ने उठाए सवाल
युवा शक्ति विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की प्रमुख आधारशिला- मुख्यमंत्री
युवा शक्ति विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण की प्रमुख आधारशिला- मुख्यमंत्री
“प्रदेश की अंतिम छोर पर बैठी प्रत्येक महिला तक न्याय पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”- कुसुम कंडवाल
“प्रदेश की अंतिम छोर पर बैठी प्रत्येक महिला तक न्याय पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”- कुसुम कंडवाल
6000 बीघा सरकारी जमीन को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, 90 साल की लीज पर उठाए सवाल
6000 बीघा सरकारी जमीन को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा, 90 साल की लीज पर उठाए सवाल
सीजेपी का बड़ा ऐलान:: 80 सालों से हो रही आदिवासी स्कूलों की अनदेखी, 17 सितंबर से शुरू होगा ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान
सीजेपी का बड़ा ऐलान:: 80 सालों से हो रही आदिवासी स्कूलों की अनदेखी, 17 सितंबर से शुरू होगा ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान

देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने जीता स्कॉच अवार्ड 2024

देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने जीता स्कॉच अवार्ड 2024

जल प्रबंधन प्रणाली हेतु दिया गया अवार्ड 

देहरादून। देहरादून स्मार्ट सिटी द्वारा देहरादून में जलापूर्ति प्रणाली को उच्चीकृत करने हेतु स्काडा वाटर एटीएम एवं वितरण प्रणाली ठीक करने का कार्य किया है, इन्ही कार्यों हेतु देहरादून स्मार्ट सिटी ने आज दिनाँक 13 जुलाई को दिल्ली में अवार्ड प्राप्त किया है।

यह अवार्ड भारत को एक बेहतर राष्ट्र बनाने के लिए अतिरिक्त/अभिनव प्रयास करने वाले संस्थानों-/विभागों व्यक्क्तियों-के विशेष परियोजनाओं, और संस्थानों को दिया जाने वाला देश का विशेष एवं उच्चस्तरीय- सम्मान है. वर्ष 2003 में इस प्रकार के अभिनव पहल को सम्मानित-करने हेतु की गयी थी. इस पुरस्कार में डिजिटल, वित्तीय, और सामाजिक समावेश के क्षेत्र में बेहतरीन कामों को शामिल किया जाता है. स्कॉच अवॉर्ड पाने वाले लोगों में उद्योग जगत के दिग्गज, विद्वान, टेक्नोक्रेट्स, महिला नेता, और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता शामिल हैं देहरदून स्मार्ट सिटी द्वारा देहरादून में जलापूर्ति प्रणाली को उच्चीकृत करने हेतु स्काडा वाटर एटीएम एवं वितरण प्रणाली ठीक करने का कार्य किया है, इन्ही कार्यों हेतु देहरादून स्मार्ट सिटी ने अवार्ड प्राप्त की है ।परियोजना कार्यो केलगभग 12 करोड रुपये बचत माह में होने केसाथ साथ शहर में पानी की आपूर्ति में भी सुधार हुआ है, इसके अतिरिक् 24 वाटरएटी एम से 16 लाख लोग भी लाभान्वि हुये हैं।

इसी कार्यक्रम कॆ क्रम मॆ देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी/ज़िलाधिकारी देहरादून , सोनिका जी ने कहा कि पॆयजल सम्वर्धन परियोजनाओं .में देहरादून स्मार्ट सिटी द्वारा किये गये कार्य यथा वाटर मीटर , स्कॉडा स्मार्टवाटर मैनेजमेंट वाटर सप्लाई ऑग्व्यूमेटेंशन,आदि परियोजना के ज द्वारा पानी के उत्पादन , वितरण ,उपलब्धता आदि को अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से उच्चीकरण-करपे हेतु नवीन प्रणाली अध्यारोपण का कार्य किया गया है ।इस स्पर्धा में राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न परीयोजनाओं की समीक्षा के उपरात देहरादून स्मार्ट सिटी के द्वारा वाटर मैनेजमेंट कार्यों में पुरस्कार प्रदान किया गया है ।

इस प्रकार के राष्ट्रीय पुरसकार प्राप्त होने पर ना केवल सभी टीम को प्रोत्साहन प्राप्त होता है बल्कि कार्य को और एक से करने हेतु टीम प्रेरित होती है। स्मार्ट सिटि की ओर से अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी तीर्थ पाल सिंह एवं ए0 जी0 एम कृष्ण पल्लव चमोला द्वारा दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार ग्रहण किया गया

इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर में पेयजल व्यवस्था उपलब्धता के साथ -2 अपव्ययता को कुशल रूप से प्रबंधित करने हेतु कार्य किये गये है I प्रदेश में पहली बार जल उत्पादन में ऊर्जा दक्ष .उपकरणों के प्रयोग से पीपीपी मोड से परियोजनाओं का संचालन किया गया है जिससे ना केवल ऊर्जा बचत हो रही है अपितु सरकार द्वारा ट्यूबवेलों के संचालन एवं अंनुक्षण हेतु होने वाले व्यय में भी बचत हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top