राष्ट्रीय – Aanchari Times https://aanchharitimes.com News Portal Wed, 25 Feb 2026 11:54:53 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.1 https://aanchharitimes.com/wp-content/uploads/2026/01/Aanchhari-Times-150x129.png राष्ट्रीय – Aanchari Times https://aanchharitimes.com 32 32 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट https://aanchharitimes.com/insulting-any-community-in-the-name-of-freedom-of-expression-is-not-acceptable-supreme-court/ https://aanchharitimes.com/insulting-any-community-in-the-name-of-freedom-of-expression-is-not-acceptable-supreme-court/#respond Wed, 25 Feb 2026 11:54:53 +0000 https://aanchharitimes.com/?p=25843

घूसखोर पंडित विवाद पर सुनवाई, शीर्षक बदलने के बाद मामला खत्म  

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान या उसे बदनाम करना स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि भाषण, मीम, कार्टून या किसी भी प्रकार की दृश्य कला के जरिए किसी वर्ग को नीचा दिखाना संविधान की भावना के खिलाफ है।

यह टिप्पणी घूसखोर पंडत फिल्म के शीर्षक को लेकर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आई। न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने अपने अलग मत में कहा कि विशेष रूप से संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को अधिक जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए और धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर किसी समुदाय को निशाना बनाना संविधान का उल्लंघन है।

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति भुइयां और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने की। निर्माताओं द्वारा फिल्म का शीर्षक बदलने के बाद अदालत ने मामले का निस्तारण कर दिया। हालांकि औपचारिक आदेश की आवश्यकता नहीं थी, फिर भी अदालत ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाएं भी तय हैं और बंधुता का सिद्धांत सर्वोपरि है।

इस दौरान अदालत ने हाल के विवादों का भी अप्रत्यक्ष रूप से उल्लेख किया, जिनमें हिमंत बिस्वा सरमा से जुड़ा मामला भी शामिल है। शीर्ष अदालत पहले ही इस संबंध में दायर याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार करते हुए पक्षकारों को उच्च न्यायालय जाने की सलाह दे चुकी है।

अदालत ने दो टूक कहा कि किसी भी माध्यम से किसी समुदाय को अपमानित करना असंवैधानिक है और यह सिद्धांत खास तौर पर उन लोगों पर लागू होता है जो सार्वजनिक पदों पर रहते हुए संविधान की रक्षा की शपथ लेते हैं।

]]>
https://aanchharitimes.com/insulting-any-community-in-the-name-of-freedom-of-expression-is-not-acceptable-supreme-court/feed/ 0
रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस जंगल में क्रैश, सात लोगों की दर्दनाक मौत https://aanchharitimes.com/air-ambulance-going-from-ranchi-to-delhi-crashes-in-the-forest-tragic-death-of-seven-people/ https://aanchharitimes.com/air-ambulance-going-from-ranchi-to-delhi-crashes-in-the-forest-tragic-death-of-seven-people/#respond Tue, 24 Feb 2026 07:20:09 +0000 https://aanchharitimes.com/?p=25807

खराब मौसम बना हादसे की वजह? उड़ान के कुछ देर बाद टूटा संपर्क

रांची। रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस की उड़ान एक बड़े हादसे में बदल गई। झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र में विमान के क्रैश होने से उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। यह हादसा न  सिर्फ एक परिवार के सपनों को तोड़ गया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो गया। जानकारी के मुताबिक, एयर एंबुलेंस ने शाम करीब 7 बजे रांची से उड़ान भरी थी और उसे रात तक दिल्ली पहुंचना था। लेकिन उड़ान के कुछ ही समय बाद विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया। बाद में पता चला कि विमान सिमरिया के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

विमान में एक गंभीर रूप से घायल मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। कुछ दिन पहले आग की घटना में वह बुरी तरह झुलस गए थे और उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। परिवार ने बड़ी मुश्किलों के बीच एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की थी, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा मिल सके।

इस उड़ान में मरीज के साथ उनकी पत्नी और अन्य परिजन भी मौजूद थे। इसके अलावा मेडिकल टीम और पायलट दल भी सवार था। लेकिन किसे पता था कि यह जीवन बचाने की कोशिश एक दर्दनाक अंत में बदल जाएगी।

बताया जा रहा है कि खराब मौसम के चलते पायलट ने रास्ता बदलने की अनुमति भी मांगी थी। कुछ समय तक संपर्क बना रहा, लेकिन अचानक विमान रडार से गायब हो गया। इसके बाद कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका और थोड़ी देर बाद दुर्घटना की खबर सामने आई।

इस हादसे में मरीज, उनके परिजन, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और दोनों पायलटों समेत कुल सात लोगों की मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं की चुनौतियों और हवाई सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और प्रशासन हादसे के कारणों की जांच में जुट गया है।

]]>
https://aanchharitimes.com/air-ambulance-going-from-ranchi-to-delhi-crashes-in-the-forest-tragic-death-of-seven-people/feed/ 0
अब AI कंटेंट पर लगाना होगा लेबल, भारत सरकार के नए नियम लागू https://aanchharitimes.com/ai-content-will-now-have-to-be-labeled-new-rules-of-the-indian-government-come-into-effect/ https://aanchharitimes.com/ai-content-will-now-have-to-be-labeled-new-rules-of-the-indian-government-come-into-effect/#respond Fri, 20 Feb 2026 07:04:55 +0000 https://aanchharitimes.com/?p=25740

3 घंटे में हटाना होगा आपत्तिजनक कंटेंट

ई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के बीच केंद्र सरकार ने डिजिटल कंटेंट को लेकर नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। 10 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के बाद ये नियम अब 20 फरवरी से प्रभावी हो गए हैं। भारत सरकार के इस फैसले के तहत अब एआई से तैयार किसी भी फोटो, वीडियो या ऑडियो पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा, ताकि लोगों को असली और नकली कंटेंट में फर्क समझने में आसानी हो।

इन नए नियमों के मुताबिक, एआई जनरेटेड कंटेंट पर “AI Generated” जैसे स्पष्ट निशान दिखाना जरूरी होगा। इसके अलावा हर फाइल के मेटाडेटा में उसकी पूरी जानकारी दर्ज रहेगी—जैसे कंटेंट कब बना, किस टूल से तैयार हुआ और पहली बार कहां अपलोड किया गया। इसे एक तरह का “डिजिटल डीएनए” माना जा रहा है, जिससे जांच एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर कंटेंट के स्रोत तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

सरकार ने यह भी साफ किया है कि एआई कंटेंट से जुड़े लेबल या तकनीकी जानकारी के साथ छेड़छाड़ करना अब गैर-कानूनी होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसी तकनीक अपनानी होगी जिससे किसी भी तरह की छेड़छाड़ को रोका जा सके या संदिग्ध कंटेंट स्वतः हटाया जा सके। इसके साथ ही यूजर्स को कंटेंट अपलोड करते समय यह बताना भी जरूरी होगा कि वह एआई से तैयार किया गया है या नहीं।

नए नियमों में सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी भी बढ़ा दी गई है। अब किसी भी आपत्तिजनक या गैर-कानूनी कंटेंट की शिकायत मिलने पर प्लेटफॉर्म्स को सिर्फ 3 घंटे के भीतर उसे हटाना होगा, जबकि पहले इसके लिए 36 घंटे का समय दिया जाता था। इस बदलाव से डिजिटल स्पेस में जवाबदेही और सख्ती दोनों बढ़ेंगी।

एक दिन पहले आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डिजिटल कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि जैसे खाद्य उत्पादों पर जानकारी दी जाती है, वैसे ही डिजिटल सामग्री पर भी उसकी प्रकृति स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि लोग भ्रमित न हों।

सरकार ने खास तौर पर डीपफेक और आपत्तिजनक सामग्री पर सख्त रुख अपनाया है। अगर एआई का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की पहचान की नकल करने, फर्जी वीडियो बनाने, बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री फैलाने या धोखाधड़ी के लिए किया जाता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का कहना है कि इन नियमों का मकसद एक सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह इंटरनेट व्यवस्था तैयार करना है, जिससे एआई के दुरुपयोग पर लगाम लगाई जा सके और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पारदर्शिता बढ़े।

]]>
https://aanchharitimes.com/ai-content-will-now-have-to-be-labeled-new-rules-of-the-indian-government-come-into-effect/feed/ 0
तकनीक का वास्तविक प्रभाव तभी दिखेगा जब इसे सही दिशा और उद्देश्य के साथ अपनाया जाए- पीएम मोदी https://aanchharitimes.com/the-real-impact-of-technology-will-be-visible-only-when-it-is-adopted-with-the-right-direction-and-purpose-pm-modi/ https://aanchharitimes.com/the-real-impact-of-technology-will-be-visible-only-when-it-is-adopted-with-the-right-direction-and-purpose-pm-modi/#respond Thu, 19 Feb 2026 11:07:22 +0000 https://aanchharitimes.com/?p=25722

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में वैश्विक समुदाय को संदेश देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर मानवता के लिए एक बड़ा अवसर बन सकता है, बशर्ते इसे सही सोच और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाया जाए।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एआई के तेजी से बदलते परिदृश्य को मानव विकास के नए अध्याय से जोड़ते हुए कहा कि तकनीक का वास्तविक प्रभाव तभी दिखेगा जब इसे सही दिशा और उद्देश्य के साथ अपनाया जाए। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए गौतम बुद्ध की शिक्षाओं को याद किया और कहा कि सही निर्णय हमेशा सही समझ से निकलते हैं, यही सिद्धांत एआई के विकास में भी लागू होना चाहिए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई के लिए एक संतुलित और नैतिक रोडमैप तैयार करना जरूरी है, जिसमें मानव केंद्र में रहे। प्रधानमंत्री ने एक ऐसे एआई इकोसिस्टम की आवश्यकता बताई, जो संवेदनशील, समावेशी और जिम्मेदार हो, ताकि तकनीक का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने वैश्विक सहयोग की ताकत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान वैक्सीन विकास से लेकर आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने तक, दुनिया ने मिलकर असंभव को संभव बनाया। इसी तरह एआई के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बेहद अहम होगी।

इस वैश्विक मंच पर इमैनुएल मैक्रों और एंटोनियो गुटेरेस सहित कई प्रमुख वैश्विक नेता और उद्योग जगत की हस्तियां मौजूद रहीं। यह पहली बार है जब ‘ग्लोबल साउथ’ के किसी देश में इतने बड़े स्तर पर एआई समिट आयोजित किया गया।

प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि भारत का मूल मंत्र ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ है, और एआई का उपयोग भी इसी भावना के अनुरूप होना चाहिए, ताकि इसका लाभ पूरी मानवता को मिल सके।

]]>
https://aanchharitimes.com/the-real-impact-of-technology-will-be-visible-only-when-it-is-adopted-with-the-right-direction-and-purpose-pm-modi/feed/ 0
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, स्कूलों में छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी पैड देना अनिवार्य https://aanchharitimes.com/supreme-court-issues-major-order-providing-free-sanitary-pads-to-female-students-in-schools-is-mandatory/ https://aanchharitimes.com/supreme-court-issues-major-order-providing-free-sanitary-pads-to-female-students-in-schools-is-mandatory/#respond Fri, 30 Jan 2026 10:18:51 +0000 https://aanchharitimes.com/?p=25302

निजी स्कूलों को चेतावनी- नियम न मानने पर रद्द हो सकती है मान्यता

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त बायोडिग्रेडेबल सैनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाएं। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि मासिक धर्म से जुड़ा स्वास्थ्य और स्वच्छता, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।

छात्राओं की बुनियादी सुविधाओं पर सख्त रुख

अदालत ने कहा कि स्कूलों में शौचालय और मासिक धर्म स्वच्छता की सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकारों की जिम्मेदारी है। यदि राज्य सरकारें और संबंधित प्राधिकरण इस दिशा में विफल रहते हैं, तो उन्हें इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने यह निर्देश कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए जारी किया है, जिसमें केंद्र सरकार की मासिक धर्म स्वच्छता नीति को पूरे देश में लागू करने पर जोर दिया गया है।

निजी स्कूलों को सख्त चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों को चेताते हुए कहा कि यदि वे छात्राओं और छात्रों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था नहीं करते और छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी पैड उपलब्ध कराने में असफल रहते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है। अदालत ने दो टूक कहा कि मासिक धर्म स्वास्थ्य केवल सुविधा नहीं, बल्कि एक मौलिक अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शौचालय व्यवस्था पर भी निर्देश

शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि स्कूलों में लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग शौचालय हों। इसके साथ ही दिव्यांग छात्रों के अनुकूल शौचालयों की उपलब्धता को भी अनिवार्य बताया गया है।

जनहित याचिका पर आया फैसला

गौरतलब है कि यह फैसला जया ठाकुर द्वारा दायर जनहित याचिका पर आया है, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक की किशोर छात्राओं के लिए सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में केंद्र सरकार की ‘स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता नीति’ को पूरे देश में लागू करने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 10 दिसंबर 2024 को फैसला सुरक्षित रखा था।

]]>
https://aanchharitimes.com/supreme-court-issues-major-order-providing-free-sanitary-pads-to-female-students-in-schools-is-mandatory/feed/ 0
गणतंत्र दिवस परेड 2026- सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता और झांकियों के विजेताओं की घोषणा https://aanchharitimes.com/republic-day-parade-2026-winners-of-the-best-marching-contingent-and-tableaux-announced/ https://aanchharitimes.com/republic-day-parade-2026-winners-of-the-best-marching-contingent-and-tableaux-announced/#respond Thu, 29 Jan 2026 05:35:35 +0000 https://fyolitimes.com/?p=25259

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में महाराष्ट्र की झांकी बनी नंबर-1

तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता का पुरस्कार भारतीय नौसेना को मिला 

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस परेड 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मार्चिंग दस्तों और झांकियों के विजेताओं की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। तीनों सेनाओं, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तथा केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों की भागीदारी वाली इस परेड के प्रदर्शन का मूल्यांकन जजों के तीन अलग-अलग पैनलों द्वारा किया गया।

जजों के आकलन के आधार पर तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता का पुरस्कार भारतीय नौसेना को दिया गया, जबकि सीएपीएफ/अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता का सम्मान दिल्ली पुलिस को मिला।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों में शीर्ष तीन स्थान इस प्रकार रहे—
पहला स्थान महाराष्ट्र को ‘गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक’ थीम पर आधारित झांकी के लिए मिला।
दूसरे स्थान पर जम्मू और कश्मीर की झांकी रही, जिसमें राज्य के हस्तशिल्प और लोक नृत्यों की झलक दिखाई गई।
तीसरे स्थान पर केरल की झांकी रही, जिसने ‘वॉटर मेट्रो और शत-प्रतिशत डिजिटल साक्षरता’ के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर केरल का संदेश दिया।

केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों की श्रेणी में संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम — एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार’ को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।

इसके अलावा, विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इनमें केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को ‘वंदे मातरम — 150 वर्षों का उत्सव’ के लिए सम्मानित किया गया, वहीं ‘वंदे मातरम: भारत की शाश्वत गूँज’ नृत्य समूह को भी विशेष पुरस्कार से नवाजा गया।

उधर, माईगॉव पोर्टल पर नागरिकों द्वारा किए गए ऑनलाइन मतदान के आधार पर पॉपुलर चॉइस श्रेणी के नतीजे भी घोषित किए गए। इस श्रेणी में तीनों सेनाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दस्ता का खिताब असम रेजिमेंट को मिला, जबकि सीएपीएफ/अन्य सहायक बलों में सीआरपीएफ को सबसे अधिक समर्थन प्राप्त हुआ।

पॉपुलर चॉइस के तहत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की शीर्ष तीन झांकियां—
गुजरात (स्वदेशी का मंत्र – आत्मनिर्भरता – स्वतंत्रता: वंदे मातरम),
उत्तर प्रदेश (बुंदेलखंड की संस्कृति) और
राजस्थान (रेगिस्तान का सुनहरा स्पर्श: बीकानेर की स्वर्ण कला – उस्ता कला) रहीं।

वहीं, केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों में पॉपुलर चॉइस के तहत स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की झांकी को ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: भारतीय स्कूली शिक्षा को विकसित भारत की राह पर अग्रसर करना’ विषय पर सर्वश्रेष्ठ चुना गया।

]]>
https://aanchharitimes.com/republic-day-parade-2026-winners-of-the-best-marching-contingent-and-tableaux-announced/feed/ 0
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे में निधन https://aanchharitimes.com/maharashtra-deputy-chief-minister-ajit-pawar-has-died-in-a-plane-crash/ https://aanchharitimes.com/maharashtra-deputy-chief-minister-ajit-pawar-has-died-in-a-plane-crash/#respond Wed, 28 Jan 2026 06:22:58 +0000 https://fyolitimes.com/?p=25235

पीएम मोदी ने जताया दुख

मुंबई। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का एक निजी विमान बारामती (पुणे, महाराष्ट्र) में लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया । दुर्घटना में अजित पवार की मौत हो गयी।

आज सुबह मुंबई से बारामती जा रहा उनका चार्टर्ड प्लेन लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसल गया और आग लग गयी। विमान में डिप्टी सीएम अजित पवार सहित कुल 5-6 लोग थे। कोई भी बच नहीं पाया।

पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘अजित पवार जी लोगों के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था। उनका असमय निधन बहुत चौंकाने वाला और दुखद है। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति।’

]]>
https://aanchharitimes.com/maharashtra-deputy-chief-minister-ajit-pawar-has-died-in-a-plane-crash/feed/ 0
बुधवार से शुरू होगा संसद का बजट सत्र, राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी संबोधन https://aanchharitimes.com/the-parliaments-budget-session-will-begin-on-wednesday-with-an-address-by-president-murmu/ https://aanchharitimes.com/the-parliaments-budget-session-will-begin-on-wednesday-with-an-address-by-president-murmu/#respond Tue, 27 Jan 2026 08:38:23 +0000 https://fyolitimes.com/?p=25204

13 फरवरी तक चलेगा बजट सत्र का पहला चरण

नई दिल्ली- संसद के आगामी बजट सत्र से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को संसद भवन में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य बजट सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने पर सहमति बनाना रहा। इस अहम बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी इसमें मौजूद रहे। विपक्ष की ओर से कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बैठक में हिस्सा लिया।

बजट सत्र का पहला चरण बुधवार से आरंभ होगा। सत्र की औपचारिक शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी, जिसमें वे संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। इसके बाद सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश करेगी।

सत्र का यह प्रारंभिक चरण 13 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी और उसे पारित किया जाएगा। साथ ही बजट को लेकर भी व्यापक विमर्श किया जाएगा। इसके बाद कुछ दिनों का अवकाश रहेगा।

दूसरे चरण की कार्यवाही 9 मार्च से दोबारा शुरू होगी, जो दो अप्रैल तक चलेगी। इस अवधि में बजट से जुड़े विधेयकों और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय किए जाएंगे।

]]>
https://aanchharitimes.com/the-parliaments-budget-session-will-begin-on-wednesday-with-an-address-by-president-murmu/feed/ 0
वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अशोक चक्र से हुए सम्मानित https://aanchharitimes.com/indian-air-force-group-captain-shubhanshu-shukla-was-awarded-the-ashok-chakra/ https://aanchharitimes.com/indian-air-force-group-captain-shubhanshu-shukla-was-awarded-the-ashok-chakra/#respond Mon, 26 Jan 2026 07:19:10 +0000 https://fyolitimes.com/?p=25172

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजधानी के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने वाले उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए दिया गया।

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचने वाले पहले भारतीय बने शुभांशु शुक्ला
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने जून 2025 में एक्सिओम मिशन-4 (Axiom-4) के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक सफल यात्रा कर इतिहास रच दिया। वह ISS पर कदम रखने वाले पहले भारतीय बने, जबकि अंतरिक्ष यात्रा करने वाले वह दूसरे भारतीय हैं। इससे पूर्व वर्ष 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के सोयूज मिशन के माध्यम से अंतरिक्ष की यात्रा की थी। शुभांशु शुक्ला ने इस मिशन के दौरान 18 दिनों तक अंतरिक्ष में रहकर कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों में भाग लिया।

वायुसेना से अंतरिक्ष तक का प्रेरणादायक सफर
एक कुशल और अनुभवी फाइटर पायलट के रूप में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के पास 2,000 घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव है। उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई, मिग-21, मिग-29, जगुआर, हॉक, डोर्नियर और एएन-32 जैसे अत्याधुनिक विमानों का संचालन किया है। एक्सिओम-4 मिशन में उन्होंने पायलट की अहम भूमिका निभाई और अंतरिक्ष में किए गए वैज्ञानिक प्रयोगों को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सराहना मिली।

भारत की बढ़ती अंतरिक्ष शक्ति का प्रतीक
अमेरिका की निजी अंतरिक्ष कंपनी एक्सिओम स्पेस द्वारा संचालित इस मिशन में नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और इसरो की साझेदारी रही। लखनऊ निवासी शुभांशु शुक्ला को वर्ष 2006 में भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला था। उनका यह सम्मान और उपलब्धि भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं, तकनीकी दक्षता और वैश्विक अंतरिक्ष मंच पर सशक्त उपस्थिति का प्रतीक मानी जा रही है।

]]>
https://aanchharitimes.com/indian-air-force-group-captain-shubhanshu-shukla-was-awarded-the-ashok-chakra/feed/ 0
शहरों के विकास से ही बनेगा विकसित भारत- पीएम मोदी https://aanchharitimes.com/a-developed-india-will-be-built-through-the-development-of-its-cities-pm-modi/ https://aanchharitimes.com/a-developed-india-will-be-built-through-the-development-of-its-cities-pm-modi/#respond Fri, 23 Jan 2026 09:45:49 +0000 https://fyolitimes.com/?p=25118

प्रधानमंत्री मोदी ने तिरुवनंतपुरम में किया भव्य रोड शो 

प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड योजना का किया शुभारंभ

तिरुवनंतपुरम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भव्य रोड शो किया। थंपानूर ओवरब्रिज से पुथरिकंडम मैदान तक निकाले गए इस रोड शो के दौरान प्रधानमंत्री का जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता प्रदान की।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड योजना का शुभारंभ किया और एक लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी व लघु व्यवसाय से जुड़े लाभार्थियों को ऋण वितरित किए। उन्होंने इन योजनाओं को शहरी गरीबों और छोटे कारोबारियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।

विकसित भारत के निर्माण में शहरों की अहम भूमिका

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में शहरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने शहरी आधारभूत ढांचे पर व्यापक निवेश किया है, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने शहरी गरीबों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। पीएम आवास योजना के तहत देशभर में चार करोड़ से अधिक पक्के घर बनाए गए हैं, जिनमें से एक करोड़ से अधिक घर शहरी गरीबों को मिले हैं। उन्होंने बताया कि केरल में भी सवा लाख से अधिक शहरी गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया गया है।

गरीब और मध्यम वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के बिजली खर्च में राहत दी जा रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य उपचार मिल रहा है। महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए मातृ वंदना योजना लागू की गई है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को कर मुक्त कर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत दी है, जिसका लाभ केरल के लोगों को भी मिला है।

बैंकिंग से जुड़ रहे गरीब, सरकार बनी गारंटर

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 11 वर्षों में करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है। अब एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाएं और मछुआरे भी आसानी से बैंक ऋण प्राप्त कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिनके पास गारंटर नहीं है, उनके लिए सरकार स्वयं गारंटर बन रही है।

रेहड़ी-पटरी वालों को मिला क्रेडिट कार्ड

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के जरिए रेहड़ी-पटरी वालों को पहली बार बैंकिंग सुविधा का लाभ मिला है। अब सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए उन्हें क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने बताया कि केरल में 10 हजार और तिरुवनंतपुरम में 600 रेहड़ी-पटरी वालों को पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव सामाजिक और आर्थिक समावेशन की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

]]>
https://aanchharitimes.com/a-developed-india-will-be-built-through-the-development-of-its-cities-pm-modi/feed/ 0