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क्या आपको भी रहती है लंबे समय तक हिचकी की समस्या, तो जान लीजिये कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं

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आप भी कभी न कभी हिचकियों से जरूर परेशान रहे होंगे। आमतौर पर मान लिया जाता है कि जब कोई आपको याद कर रहा होता है तो हिचकियां आती हैं, पर क्या इस मान्यता को मेडिकल साइंस भी पुष्टि देता है? या फिर हिचकी आना किसी बीमारी का संकेत है?

आम धारणाओं से इतर हिचकी आने की स्थिति को मेडिकल साइंस एक अलग तरीके से देखता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डायाफ्राम में बार-बार होने वाली ऐंठन या अचानक होने वाली किसी समस्या के कारण आपको हिचकी आती है। डायाफ्राम वो मांसपेशी है जो आपकी छाती को पेट से अलग करती है और सांस लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आपके डायाफ्राम में ऐंठन के कारण कई बार वोकल कॉर्ड अचानक बंद हो जाते हैं, जिससे “हिच” ध्वनि उत्पन्न होती है। ये तो इसका एक कारण है ही साथ ही कई बार अधिक भोजन करने, शराब या कार्बोनेटेड पेय पीने या अचानक किसी उत्तेजना के कारण भी आपको हिचकी आ सकती है। कुछ मामलों में, हिचकी किसी अंतर्निहित चिकित्सा समस्या का संकेत हो सकती है।

क्यों आती है हिचकी?

ज्यादातर लोगों में हिचकी केवल कुछ मिनटों तक ही रहती है और खुद से ही चली जाती है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं अगर आपको लंबे समय तक हिचकी की दिक्कत बनी रहती है और ये ठीक न हो रही हो तो इस बारे में डॉक्टर से संपर्क जरूर कर लेना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कई बार ज्यादा मसालेदार या गर्म भोजन करने से पेट में जलन और डायाफ्राम में ऐंठन हो सकती है जिसके कारण भी आपको हिचकी आती है। इसके अलावा अचानक तापमान में परिवर्तन, तनाव या घबराहट, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं भी हिचकी का कारण बन सकती हैं।

कहीं ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैसे तो हिचकी आने को कोई बीमारी नहीं माना जाता है हालांकि कुछ गंभीर स्थितियों में हिचकी को इसका एक लक्षण जरूर देखा गया है इसलिए लंबे समय तक बनी रहने वाली हिचकी को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

लंबे समय तक हिचकी आने का एक कारण वेगस या फ्रेनिक तंत्रिकाओं में होने वाली कोई क्षति या जलन की दिक्कत हो सकती है। ये तंत्रिकाएं डायाफ्राम की मांसपेशियों को ठीक रखने के लिए जरूरी मानी जाती हैं। आपकी गर्दन में थायरॉयड ग्रंथि या किसी सिस्ट के कारण तंत्रिकाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसपर ध्यान देते रहना और इलाज प्राप्त करना जरूरी हो जाता है।

मेटाबॉलिज्म संबंधित समस्याएं

जब आपका मेटाबॉलि्ज्म ठीक से काम नहीं कर रहा होता है, तो इसके कारण भी लंबे समय तक हिचकी आ सकती है। मधुमेह, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और किडनी जैसी बीमारियों के कारण भी लंबे समय तक हिचकी आने की दिक्कत महसूस होती रह सकती है। अगर आपको मेटाबॉलिज्म की समस्या है तो इसका समय रहते उपचार प्राप्त करना आवश्यक हो जाता है।

हिचकी से बचाव और रोकथाम के आसान उपाय

हिचकी रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है, लेकिन अगर आपकी हिचकी कुछ मिनटों से ज्यादा समय तक बनी रहती है तो कुछ उपायों का मदद से इसमें आराम पाया जा सकता है।
बर्फ के पानी से गरारे करें, अपनी सांस रोककर रखें और ठंडा पानी पिएं इससे आपको आराम मिल सकती है। हिचकी से बचाव के लिए कुछ उपाय आपके लिए मददगार हो सकते हैं।

धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं।
अत्यधिक मसालेदार और एसिडिक खाद्य पदार्थों से बचें।
गैस बनाने वाले पेय पदार्थों (सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स) से परहेज करें।
पानी धीरे-धीरे पिएं, विशेष रूप से हल्का गुनगुना पानी।
गहरी सांस लें और थोड़ी देर तक रोकें, फिर धीरे-धीरे छोड़ें।
अगर हिचकी लंबे समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से परामर्श करें।

(साभार)

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