Breaking News
मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया ₹1.11 लाख करोड़ का बजट
कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
कान साफ करने के लिए ईयरबड्स का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प
गैरसैंण में यूकेडी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की कोशिश पर पुलिस से झड़प
पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- एस जयशंकर
पश्चिम एशिया में तनाव पर सरकार चिंतित, भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- एस जयशंकर
दृष्टि आई इंस्टीट्यूट द्वारा ग्लूकोमा जागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन
दृष्टि आई इंस्टीट्यूट द्वारा ग्लूकोमा जागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन
टी20 विश्व कप 2026- भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब किया अपने नाम
टी20 विश्व कप 2026- भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब किया अपने नाम
विधानसभा सत्र में योगदान दे रहे कर्मचारियों से मिले सीएम धामी, किया आत्मीय संवाद
विधानसभा सत्र में योगदान दे रहे कर्मचारियों से मिले सीएम धामी, किया आत्मीय संवाद
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ

भगवान के भोग (प्रसाद) को पवित्रता के साथ बनाया जाए- महाराज

भगवान के भोग (प्रसाद) को पवित्रता के साथ बनाया जाए- महाराज

कहा मिलावटी वस्तुएं रसोई तक नहीं पहुंचनी चाहिएं

देहरादून। आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के लड्डू के प्रसाद में मिलावट दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सरासर हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ है। उत्तराखंड में जहां-जहां भी भगवान का भोग बनता है हमने उसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

उक्त जानकारी देते हुए प्रदेश के पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के लड्डू के प्रसाद में मिलावट दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सरासर हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जहां-जहां भी भगवान का भोग बनता है वह बड़ी पवित्रता के साथ बनता है, लेकिन आंध्र प्रदेश की घटना के बाद हमने सचिव धर्मस्व को निर्देश देते हुए कहा है कि प्रदेश में जहां-जहां भी भगवान का भोग बनता है वह शुद्धता व पवित्रता से बने और उसमें किसी भी प्रकार की मिलावटी वस्तु रसोई तक न पहुंचने पाये।

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के प्रसाद की पवित्रता और शुद्धता का बड़ा प्रचार प्रसार है इस प्रकार हमारे यहां भी विभिन्न पौराणिक मंदिरों के प्रसाद का अपना एक धार्मिक महत्व है। इसलिए उसकी पवित्रता और शुद्धता बनाएं रखना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भगवान के प्रसाद और भोग को बनाने में पवित्रता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top