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दोनों हाथों से विकलांग तानसेन ने हासिल किया ड्राइविंग लाइसेंस

दोनों हाथों से विकलांग तानसेन ने हासिल किया ड्राइविंग लाइसेंस

नई दिल्ली। चेन्नई के 30 वर्षीय तानसेन दोनों हाथों से विकलांग है. तानसेन ने 10 साल की उम्र में एक विद्युत दुर्घटना में अपने दोनों हाथ खो दिए थे। वह अपनी मारुति स्विफ्ट कार अपने पैरों से चलाते हैं. अब उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस भी हासिल कर लिया है. वह विकलांग होते हुए भी ड्राइविंग लाइसेंस पाने वाले तमिलनाडु के पहले शख्स बन गए हैं। तानसेन ने बाधाओं को तोड़ते हुए एक उदाहरण पेश किया. उन्हें 22 अप्रैल 2024 को अपना ड्राइविंग लाइसेंस मिला. उन्होंने पेरम्बूर में अपनी पढ़ाई पूरी की और फिलहाल में एलएलएम कर रहे हैं।

लाइसेंस पाने के लिए किससे मिली प्रेरणा
लाइसेंस प्राप्त करने की उनकी इच्छा तब जगी जब उन्हें मध्य प्रदेश के एक व्यक्ति विक्रम अग्निहोत्री के बारे में पता चला, जिसने दोनों हाथ कटे होने के बावजूद वर्षों पहले लाइसेंस प्राप्त कर लिया था। केरल की एक महिला, जिलुमोल मैरिएट थॉमस भी लाइसेंस प्राप्त करने में सफल रहीं, जिससे तानसेन को और प्रेरणा मिली।

उन्होंने बताया, जब मैं 10 साल का था तो मेरे साथ एक दुर्घटना हुई और मैं विकलांगता का शिकार हो गया. मैंने अपनी डिग्री पूरी कर ली है। जब मैं 18 साल का हुआ, तो मेरे सभी दोस्तों को उनके लाइसेंस मिल गए. उस समय मुझे बहुत बुरा लगा। क्योंकि मैं लाइसेंस नहीं ले सका या कार नहीं चला सका। तब मैंने सोचा कि लाइसेंस प्राप्त करना मेरे लिए महत्वपूर्ण चीज है, मैंने मध्य प्रदेश से अग्निहोत्री सर के बारे में खबर सुनी उनसे भारत में बिना हाथों के लाइसेंस पाने के लिए मुझे प्रेरणा मिली। हाल ही में केरल में एक लड़की को भी लाइसेंस मिला।

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