Breaking News
गढ़ी कैंट स्थित गुचुपानी में पर्यटकों का लगा जमावड़ा, ठंडे पानी से मिटा रहे थकान
गढ़ी कैंट स्थित गुचुपानी में पर्यटकों का लगा जमावड़ा, ठंडे पानी से मिटा रहे थकान
खेत में पानी चलाने को लेकर खूनी विवाद, एक की मौत; दून पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
खेत में पानी चलाने को लेकर खूनी विवाद, एक की मौत; दून पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
उत्तराखंड लोकायुक्त नियुक्ति प्रक्रिया तेज, खोजबीन समिति का हुआ गठन
उत्तराखंड लोकायुक्त नियुक्ति प्रक्रिया तेज, खोजबीन समिति का हुआ गठन
उत्तराखंड में लागू हुआ देवभूमि परिवार कानून, अब हर परिवार की बनेगी यूनिक आईडी
उत्तराखंड में लागू हुआ देवभूमि परिवार कानून, अब हर परिवार की बनेगी यूनिक आईडी
मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा
मुख्यमंत्री धामी ने गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का लिया जायजा
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से किया संवाद, आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से किया संवाद, आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान
‘राव बहादुर’ का दमदार टीजर रिलीज, रहस्य और रोमांच से भरपूर दिखी सत्यदेव की नई दुनिया
‘राव बहादुर’ का दमदार टीजर रिलीज, रहस्य और रोमांच से भरपूर दिखी सत्यदेव की नई दुनिया
हर वक्त रहती है थकान और सुस्ती? तो इन योगासनों का करें अभ्यास, शरीर को मिलेगी ऊर्जा
हर वक्त रहती है थकान और सुस्ती? तो इन योगासनों का करें अभ्यास, शरीर को मिलेगी ऊर्जा
मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के बग्घा चौवन में “12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

हाई स्पीड स्पोर्ट्स कार से भी ज्यादा तेज रफ्तार से आती है छींक, रोकने पर हो सकती है मौत

हाई स्पीड स्पोर्ट्स कार से भी ज्यादा तेज रफ्तार से आती है छींक, रोकने पर हो सकती है मौत

कई बार छींक बहुत तेजी से आती है. अगर इतनी तेज गति से आने वाली छींक को रोका जाए तो दिमाग की नश तक फट सकती है। छींक के दौरान दिमाग पर इतना प्रेशर पड़ता है कि छींक रोकने से कई नुकसान हो सकते हैं. कई बार अगर नाक में कोई बाहरी तत्व चला जाए तो छींक आने लगती है. इसके अलावा जुकाम में भी छींक आती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि छींक रोकना भी कई बार जानलेवा साबित हो सकता है।

छींक का खतरनाक असर अंगों पर पड़ता है
मेडिकल साइंस के मुताबिक छींक रोकने की कोशिश आपके शरीर में कई सारी दिक्कत शुरू कर सकती है. जो काफी ज्य़ादा जानलेवा साबित हो सकती है. इसके कारण शरीर के फंक्शन पर भी बुरा असर होता है. डॉक्टर्स छींक रोकना बहुत खतरनाक मानते हैं. छींक रोकने से आपके शरीर के अंगों पर खतरनाक असर पड़ता है. तेज गति से आने वाली छींक से नाक, गले और मुंह के दूसरे सेल्स पर काफी ज्यादा प्रेशर पड़ता है. इसके कारण इन सेल्स को काफी ज्यादा नुकसान होता है. कई बार तो ब्रेन पर भी इसका गंभीर असर पड़ता है।

छींक रोकने का असर कान पर पड़ता है
छींक के दौरान नाक के छेद में तेज गति में हवा में चली आती है. ऐसे में छींक तेज हवा रोकती है और दूसरे अंगों में चली जाती है. सबसे ज्यादा असर कान में पड़ता है. कान के परदे पर भी इसका बुरा असर पड़ता है।

छींक रोकने से बैक्टीरिया शरीर के अंदर चला जाता है
छींक के कारण नाक और मुंह से बैक्टीरिया निकलता है. छींक रोकने से बैक्टीरिया भी शरीर में रूक जाएगा. जिसके कारण इसका स्वास्थ्य पर बुरा असर होता है. छींक रोकने से आंख के ब्लड वेसल्स भी बुरी तरह से प्रभावित हो सकते हैं. दिमाग की नसों पर भी इसका बुरा असर होता है. इसलिए छींक नहीं रोकना चाहिए।

छींक रोकने से गर्दन में सूजन होने लगता है
छींक रोकने से ऐसा महसूस होता है कि जैसे गर्दन में कुछ फट गया है. जिसके कारण तेज दर्द महसूस होता है. इसके कारण कुछ भी निगलने में काफी ज्यादा दिक्कत होती है. इसके कारण बोलने में भी काफी दिक्कत होती है. छींक रोकने के कारण सांस की नली में सूजन हो जाती है. इसके कारण कुछ भी खाने और बोलने में दिक्कत होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top