Breaking News
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए ₹ 62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
पर्यटन सीजन में खाद्य सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, होटल-रेस्तरां से अधिक नमूने लेने के निर्देश
पर्यटन सीजन में खाद्य सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, होटल-रेस्तरां से अधिक नमूने लेने के निर्देश
क्या आपकी भी सीढ़ियां चढ़ते ही फूलने लगती है सांस? तो जान लीजिये इसके पीछे के कारण
क्या आपकी भी सीढ़ियां चढ़ते ही फूलने लगती है सांस? तो जान लीजिये इसके पीछे के कारण
27 जुलाई से शुरू होगा “डिजिटल यूथ फेस्टिवल”  राज्य युवा महोत्सव के अंतर्गत युवाओं को मिलेगा फिटनेस, संस्कृति एवं डिजिटल प्रतिभा प्रदर्शन का मंच
27 जुलाई से शुरू होगा “डिजिटल यूथ फेस्टिवल” राज्य युवा महोत्सव के अंतर्गत युवाओं को मिलेगा फिटनेस, संस्कृति एवं डिजिटल प्रतिभा प्रदर्शन का मंच
ऑरेंज अलर्ट के बीच सरकार अलर्ट मोड में, ग्रामीण सड़कें जल्द खोलने के निर्देश
ऑरेंज अलर्ट के बीच सरकार अलर्ट मोड में, ग्रामीण सड़कें जल्द खोलने के निर्देश
कारगिल विजय दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं का किया सम्मान
कारगिल विजय दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं का किया सम्मान
पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का निधन, उत्तराखंड की राजनीति में शोक की लहर
पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का निधन, उत्तराखंड की राजनीति में शोक की लहर
नैनीताल में उद्योग मित्र बैठक: सीडीओ ने उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश
नैनीताल में उद्योग मित्र बैठक: सीडीओ ने उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश
जनता मिलन में आयुक्त दीपक रावत का एक्शन, भूमि विवाद से लेकर धोखाधड़ी तक कई मामलों में दिए तत्काल निर्देश
जनता मिलन में आयुक्त दीपक रावत का एक्शन, भूमि विवाद से लेकर धोखाधड़ी तक कई मामलों में दिए तत्काल निर्देश

शारदीय नवरात्र के नवम् दिवस पर सीएम धामी ने किया कन्या पूजन 

शारदीय नवरात्र के नवम् दिवस पर सीएम धामी ने किया कन्या पूजन 

पत्नी गीता धामी संग लिया कन्याओं का आशीर्वाद 

मां सिद्धिदात्री की आराधना कर लोक कल्याण के लिए की प्रार्थना 

देहरादून। शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर माता दुर्गा के आखिरी स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की गई। नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान के साथ पूजा करने का विधान होता है और महा अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन करते हुए मां की विदाई होती है। शुक्रवार को घरों और मंदिरों में कन्यापूजन किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर शारदीय नवरात्र के नवम् दिवस पर अष्ट सिद्धियों की दात्री मां सिद्धिदात्री की आराधना कर लोक कल्याण के लिए प्रार्थना की। साथ ही सम्पूर्ण विधि-विधान से देवी स्वरूपा कन्याओं का पूजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आदिशक्ति मां भगवती सभी प्रदेशवासियों का कल्याण करें और उन्हें सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें, ऐसी कामना करता हूं। इस बार शारदीय नवरात्रि पर दो तिथियां एक ही दिन पड़ने की वजह से अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति थी।

लोगों के मन में यह भ्रम बना है कि महा अष्टमी और नवमी तिथि 11 अक्तूबर को मनाएं या फिर 12 अक्तूबर को। शास्त्रों में नवरात्रि पर अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन करने का विशेष महत्व होता है।

पंचांग की गणना के मुताबिक आश्विन माह की अष्टमी तिथि की शुरुआत 10 अक्तूबर को हो गई, जिसका समापन 11 अक्तूबर को दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर हुआ। इस तरह से अगर उदया तिथि के आधार पर बात करें तो अष्टमी तिथि 11 अक्तूबर को ही मनाई गई। जिन लोगों ने अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन किया। उन लोगों ने 11 अक्तूबर को दोपहर अष्टमी तिथि के समापन के पहले तक पूजा संपन्न कर व्रत का पारण कराया।

नवरात्रि में व्रत रखने के बाद कन्या पूजन करने से माता रानी प्रसन्न होती हैं। सुख-समृद्धि, धन-संपदा का आशीर्वाद देती हैं। इसके साथ ही कन्या पूजन करने से कुंडली में नौ ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है। कन्या पूजन करने से माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
मान्यता है कि बिना कन्या पूजन के नवरात्र का पूरा फल नहीं मिलता है। कन्या पूजन करने से परिवार के सभी सदस्यों के बीच प्रेम भाव बना रहता है और सभी सदस्यों की तरक्की होती है।

2 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कन्या की पूजा करने से व्यक्ति को अलग-अलग फलों की प्राप्ति होती है। जैसे कुमारी की पूजा करने से आयु और बल की वृद्धि होती है।  त्रिमूर्ति की पूजा करने से धन और वंश वृद्धि, कल्याणी की पूजा से राजसुख, विद्या, विजय की प्राप्ति होती है।  कालिका की पूजा से सभी संकट दूर होते हैं और चंडिका की पूजा से ऐश्वर्य व धन की प्राप्ति होती है। शांभवी की पूजा से विवाद खत्म होते हैं और दुर्गा की पूजा करने से सफलता मिलती है। सुभद्रा की पूजा से रोग नाश होते हैं और रोहिणी की पूजा से सभी मनोरथ पूरे होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top