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ठंड में जरूरत से ज्यादा खाना पड़ सकता है भारी, हार्ट से लेकर डायबिटीज तक का बढ़ सकता है खतरा

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सर्दी का मौसम आते ही खानपान की आदतों में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। ठंड से बचने के लिए जहां लोग गर्म कपड़ों की कई परतें पहनते हैं, वहीं इस मौसम में भूख भी सामान्य से अधिक लगने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के कारण शरीर को अपना तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है और बार-बार खाने की इच्छा होती है।

सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है खाने की चाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि सर्दियों में दिन छोटे और रातें लंबी होने से हार्मोनल संतुलन प्रभावित होता है। सेरोटोनिन और मेलाटोनिन जैसे हार्मोन में बदलाव के कारण लोगों में सुस्ती और ‘विंटर ब्लूज’ की स्थिति पैदा हो जाती है। इससे निपटने के लिए अधिकांश लोग हाई कैलोरी, तले-भुने और मीठे खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जिन्हें आमतौर पर ‘कम्फर्ट फूड’ कहा जाता है।

ओवरईटिंग बन सकती है गंभीर बीमारियों की वजह
हालांकि स्वाद और राहत के चक्कर में की गई ओवरईटिंग सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। यदि इस आदत पर समय रहते नियंत्रण न किया जाए, तो वजन तेजी से बढ़ता है और कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, जो आगे चलकर लंबे समय तक परेशान कर सकती हैं।

मेटाबॉलिक सिंड्रोम का बढ़ता खतरा
सर्दियों में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और कैलोरी का सेवन बढ़ जाता है। इसका सीधा असर वजन पर पड़ता है। पेट के आसपास चर्बी बढ़ने से मेटाबॉलिक सिंड्रोम की आशंका बढ़ जाती है, जिससे फैटी लीवर, जोड़ों में दर्द और चलने-फिरने में परेशानी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

दिल और कोलेस्ट्रॉल पर पड़ता है असर
अधिक तला-भुना और मीठा खाने से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर बढ़ जाता है। सर्दियों में नसें पहले से ही संकुचित रहती हैं, ऐसे में बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल धमनियों में रुकावट पैदा कर सकता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। दिल के मरीजों के लिए सर्दियों की ओवरईटिंग खासतौर पर जोखिम भरी मानी जाती है।

डायबिटीज का भी बढ़ सकता है जोखिम
विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और शुगर लेने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस विकसित हो सकता है। लगातार इंसुलिन स्पाइक होने से ब्लड शुगर अनियंत्रित हो जाता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। सर्दियों में कई लोगों में शुगर लेवल अचानक बढ़ने के पीछे यही कारण माना जाता है।

सर्दियों में ओवरईटिंग से कैसे बचें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सर्दियों में संतुलित खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं।

डाइट में सूप, सलाद और हरी सब्जियों को शामिल करें, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहे।

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, क्योंकि कई बार प्यास को भूख समझ लिया जाता है।

भोजन धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर करें, ताकि दिमाग को समय पर पेट भरने का संकेत मिल सके।

स्वाद और पोषण के बीच संतुलन बनाए रखें, ताकि सेहत के साथ सर्दियों का आनंद भी लिया जा सके।

नोट: यह खबर विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)

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