Breaking News
देहरादून में आईएफएस 2024 बैच का दीक्षांत समारोह, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिए सफलता के मंत्र
देहरादून में आईएफएस 2024 बैच का दीक्षांत समारोह, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिए सफलता के मंत्र
डायबिटीज का बढ़ता खतरा: मिठाई ही नहीं, ये आदतें भी बना सकती हैं मरीज
डायबिटीज का बढ़ता खतरा: मिठाई ही नहीं, ये आदतें भी बना सकती हैं मरीज
‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाका, दो दिन में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाका, दो दिन में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड
जिला चिकित्सालय के घटते राजस्व के कारणों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के डीएम  ने दिए निर्देश
जिला चिकित्सालय के घटते राजस्व के कारणों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के डीएम ने दिए निर्देश
दून पुलिस ने लौटाए 15 खोए मोबाइल, मालिकों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
दून पुलिस ने लौटाए 15 खोए मोबाइल, मालिकों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां
उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां
एमडीडीए का अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर बड़ा एक्शन, 4 बीघा की अनधिकृत कॉलोनी ध्वस्त, बहुमंजिला भवन सील
एमडीडीए का अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर बड़ा एक्शन, 4 बीघा की अनधिकृत कॉलोनी ध्वस्त, बहुमंजिला भवन सील
लगातार बारिश के चलते फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए बंद, प्रशासन ने सुरक्षा को दी प्राथमिकता
लगातार बारिश के चलते फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए बंद, प्रशासन ने सुरक्षा को दी प्राथमिकता

भारत को परमाणु और जैविक खतरों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा- सीडीएस जनरल अनिल चौहान

भारत को परमाणु और जैविक खतरों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा- सीडीएस जनरल अनिल चौहान

सैन्य नर्सिंग सेवा शताब्दी समारोह में सीडीएस जनरल ने दिया सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जोर

नई दिल्ली। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि आने वाले समय में भारत को परमाणु और जैविक खतरों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। मानेकशॉ सेंटर में सैन्य नर्सिंग सेवा (MNS) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि डेटा और चिकित्सा सुरक्षा भी इसका अहम हिस्सा बन गए हैं।

जनरल चौहान ने कहा कि चिकित्सा डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि भारतीय डीएनए और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली अलग-अलग परिस्थितियों में अलग ढंग से प्रतिक्रिया करती है। ऐसे में व्यक्तिगत मेडिकल रिकॉर्ड, केस हिस्ट्री, स्वास्थ्य पैटर्न और परिचालन योजनाओं को लीक से बचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भले ही यह सीधी जिम्मेदारी सैन्य नर्सिंग सेवा की न हो, लेकिन उन्हें इन खतरों के प्रति जागरूक रहना होगा।

उन्होंने कोविड महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में जैविक खतरों के बढ़ने की आशंका है। चाहे ये खतरे प्राकृतिक हों, आकस्मिक हों या मानव निर्मित, इनके लिए अलग उपचार और सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने की जरूरत होगी।

उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद, हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत परमाणु ब्लैकमेलिंग से नहीं डरेगा। हमारे विचार से परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना बहुत कम है, फिर भी समझदारी इसमें है कि हम इससे बचाव की तैयारी करें। रेडियोलॉजिकल खतरे से बचाव के लिए अलग प्रोटोकॉल की जरूरत होती है और यह हमारे प्रशिक्षण का हिस्सा होना चाहिए। परमाणु खतरों के खिलाफ तैयारी इससे बचाव में योगदान करती है। मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top