Breaking News
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश
पौड़ी में राजस्व समीक्षा बैठक, पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण और वसूली में तेजी के निर्देश
स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर
स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में मजबूत पहल, नए नियमों के क्रियान्वयन पर जोर
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, तेल टैंकरों पर हमले के बाद बढ़ा टकराव
अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, तेल टैंकरों पर हमले के बाद बढ़ा टकराव
‘हैवान’ को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 11 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
‘हैवान’ को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 11 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
लापरवाह अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, सीईओ ने SIR की समीक्षा में दिए सख्त निर्देश
लापरवाह अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, सीईओ ने SIR की समीक्षा में दिए सख्त निर्देश

सर्दियों में जुकाम से तुरंत राहत: तुलसी-अजवाइन की भाप है सबसे असरदार उपाय

सर्दियों में जुकाम से तुरंत राहत: तुलसी-अजवाइन की भाप है सबसे असरदार उपाय

सर्दियों में ठंडी हवाओं के साथ गले में खिंचाव, नाक बहना और जुकाम जैसी परेशानियाँ अक्सर बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में दवाइयों पर निर्भर होने के बजाय प्राकृतिक उपचार ज्यादा सुरक्षित और असरदार माने जाते हैं। इन्हीं में से एक है—तुलसी और अजवाइन के मिश्रित पानी की भाप, जो आयुर्वेद में लंबे समय से श्वसन संबंधी समस्याओं के लिए उपयोग की जाती रही है। इनके औषधीय गुण भाप के साथ शरीर में पहुंचकर जल्दी राहत दिलाते हैं और प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाते हैं।

सर्दी-जुकाम में तुरंत आराम देने वाला घरेलू उपाय

तुलसी में मौजूद एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल तत्व जहां संक्रमण को कम करने में मदद करते हैं, वहीं अजवाइन में पाया जाने वाला थाइमोल एक नैचुरल एंटीसेप्टिक की तरह काम करता है। जब इन दोनों को पानी में उबालकर भाप ली जाती है, तो इनके गुण वाष्प के रूप में सीधे नाक, गले और फेफड़ों तक पहुँचते हैं। यह प्रक्रिया श्वसन मार्ग की सूजन कम करने और जमे हुए बलगम को ढीला करने में बेहद प्रभावी मानी जाती है।

बंद नाक खोलने में कारगर

ठंडी हवा के कारण नाक बंद होना आम समस्या है, खासकर रात के समय। तुलसी-अजवाइन की गर्म भाप सांस की नलियों को तुरंत खोलती है। अजवाइन के तेज़ सुगंधित तेल नाक के मार्ग में जमी रुकावटों को ढीला करते हैं, जिससे साँस लेना आसान हो जाता है।

संक्रमण से बचाव में मददगार

तुलसी के पत्ते स्वाभाविक रूप से संक्रमण पैदा करने वाले वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता रखते हैं। जब इसकी भाप ली जाती है, तो ये औषधीय गुण सीधे श्वसन तंत्र में पहुंचते हैं और बीमारी फैलाने वाले जीवाणुओं से मुकाबला करते हैं।

साइनस और सिरदर्द में राहत

साइनस ब्लॉकेज या लगातार जुकाम की वजह से होने वाला सिरदर्द काफी परेशान करता है। तुलसी और अजवाइन के संयुक्त वाष्प साइनस कैविटी को आराम देते हैं और सिर में रक्त प्रवाह को बेहतर करते हैं। इस वजह से दर्द में तेज़ और प्रभावी राहत मिलती है।

भाप लेने का सही तरीका

एक गहरे बर्तन में पानी अच्छी तरह उबालें।

इसमें 8–10 तुलसी की पत्तियाँ और 1 चम्मच अजवाइन डालें।

अपने सिर को तौलिये से ढककर भाप को गहराई से अंदर लें।

यह प्रक्रिया 5–10 मिनट तक करें।

दिन में 2–3 बार दोहराने से बेहतर परिणाम मिलते हैं।

ध्यान रखें—बहुत ज़्यादा देर तक भाप न लें, इससे त्वचा या नाक को जलन हो सकती है।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top