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पूर्णा गांव में भू-धंसाव से हाहाकार, कई घरों में पड़ी दरारें

पूर्णा गांव में भू-धंसाव से हाहाकार, कई घरों में पड़ी दरारें

दहशत में ग्रामीण, राहत शिविर में पहुंचे 60 से ज्यादा लोग

चमोली। चमोली जिले के ब्लॉक के अनुसूचित बाहुल्य गांव पूर्णा में भू-धंसाव और जमीन से रिस रहे पानी ने लोगों की नींद उड़ा दी है। गांव के करीब 15 घरों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जो धूप और बारिश के चलते लगातार चौड़ी हो रही हैं। हालात बिगड़ने पर अधिकांश परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं।

पूर्णा ही नहीं, बल्कि ल्वाणी, धरातल्ला और मोपाटा के बाद अब यह आपदा सेलखोला गांव तक पहुंच गई है। यहां भी आठ घरों में दरारें आ चुकी हैं, जिससे लोग रात के अंधेरे में घर छोड़कर होटलों या रिश्तेदारों के यहां शरण लेने को मजबूर हो गए। प्रभावित परिवार मजदूरी पर निर्भर हैं, जिनके घरों के साथ-साथ गोशालाएं भी धंसाव की चपेट में आ गई हैं।

राहत शिविर और प्रशासन की पहल
प्रशासन ने जीएमवीएन के पर्यटन आवास गृह में राहत शिविर बनाया है, जहां फिलहाल 60 से अधिक लोग रात गुजार रहे हैं। ग्राम प्रधान सीमा देवी और कनिष्ठ उपप्रमुख पिंकी देवी ने प्रशासन से त्वरित मदद और गांव का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराने की मांग की है।

विधायक और प्रशासन मौके पर
क्षेत्रीय विधायक भूपाल राम टम्टा और एसडीएम पंकज भट्ट ने पूर्णा और सेलखोला गांव का दौरा कर प्रभावितों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। विधायक ने पूर्णा गांव के लिए 16 राशन किट वितरित किए और प्रशासन को सभी प्रभावित गांवों में राहत शिविर स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही पानी की धारा को डायवर्ट करने और भू-धंसाव की वैज्ञानिक जांच कराने की बात कही।

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