Breaking News
देहरादून में आईएफएस 2024 बैच का दीक्षांत समारोह, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिए सफलता के मंत्र
देहरादून में आईएफएस 2024 बैच का दीक्षांत समारोह, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिए सफलता के मंत्र
डायबिटीज का बढ़ता खतरा: मिठाई ही नहीं, ये आदतें भी बना सकती हैं मरीज
डायबिटीज का बढ़ता खतरा: मिठाई ही नहीं, ये आदतें भी बना सकती हैं मरीज
‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाका, दो दिन में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाका, दो दिन में पार किया 100 करोड़ का आंकड़ा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026- भारत के हर्ष सिंह का कमाल, जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड
जिला चिकित्सालय के घटते राजस्व के कारणों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के डीएम  ने दिए निर्देश
जिला चिकित्सालय के घटते राजस्व के कारणों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के डीएम ने दिए निर्देश
दून पुलिस ने लौटाए 15 खोए मोबाइल, मालिकों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
दून पुलिस ने लौटाए 15 खोए मोबाइल, मालिकों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां
उत्तराखंड की बेटी ने रचा इतिहास, जीता सारा जहां
एमडीडीए का अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर बड़ा एक्शन, 4 बीघा की अनधिकृत कॉलोनी ध्वस्त, बहुमंजिला भवन सील
एमडीडीए का अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर बड़ा एक्शन, 4 बीघा की अनधिकृत कॉलोनी ध्वस्त, बहुमंजिला भवन सील
लगातार बारिश के चलते फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए बंद, प्रशासन ने सुरक्षा को दी प्राथमिकता
लगातार बारिश के चलते फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए बंद, प्रशासन ने सुरक्षा को दी प्राथमिकता

उत्तराखंड में जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड का होगा अंत, सभी संस्थानों को लेनी होगी नई मान्यता

उत्तराखंड में जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड का होगा अंत, सभी संस्थानों को लेनी होगी नई मान्यता

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया को नई व्यवस्था के तहत सख्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अधिनियम में संशोधन के बाद एक जुलाई 2026 से उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इसके बाद राज्य में कोई भी मदरसा या अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान तभी मान्य माना जाएगा, जब उसे उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त होगी।

वर्तमान में प्रदेश में 452 मदरसे उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड से पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 68,000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अब इन सभी मदरसों को प्राधिकरण से मान्यता लेने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

क्या बदलेगा?

अभी तक की व्यवस्था में मदरसा संचालन के लिए उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड से मान्यता अनिवार्य थी। लेकिन अधिनियम संशोधन लागू होने के बाद बोर्ड की भूमिका खत्म हो जाएगी और सभी प्रक्रियाएं सीधे अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से होंगी।

असर

नई व्यवस्था लागू होने से मदरसा बोर्ड से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी तरह बंद हो जाएंगी। इससे मदरसा संचालकों को मान्यता प्राप्त करने के लिए नई औपचारिकताओं को पूरा करना होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top