Breaking News
एकता का संदेश लेकर दौड़ेंगे पौड़ीवासी, 31 अक्टूबर को होगा रन फॉर यूनिटी का आयोजन
एकता का संदेश लेकर दौड़ेंगे पौड़ीवासी, 31 अक्टूबर को होगा रन फॉर यूनिटी का आयोजन
मतदेय स्थलों के युक्तिकरण पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक, 22 प्रस्तावों पर बनी सहमति
मतदेय स्थलों के युक्तिकरण पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक, 22 प्रस्तावों पर बनी सहमति
त्योहारों में पूरी-कचौड़ी खाने के बाद हो रही गैस और एसिडिटी? इन आसान उपायों से पाएं राहत
त्योहारों में पूरी-कचौड़ी खाने के बाद हो रही गैस और एसिडिटी? इन आसान उपायों से पाएं राहत
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किए श्री बद्री विशाल के दर्शन
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने किए श्री बद्री विशाल के दर्शन
शक्ति नहर में सर्च ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ ने बरामद किया 48 वर्षीय व्यक्ति का शव
शक्ति नहर में सर्च ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ ने बरामद किया 48 वर्षीय व्यक्ति का शव
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में हुई बर्फबारी
उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज, केदारनाथ और गंगोत्री धाम में हुई बर्फबारी
ईरान पर हमले की आहट के बीच अमेरिका में बड़ा फेरबदल, 32 साल सेवा देने वाले सैन्य अधिकारी को पद से हटाया
ईरान पर हमले की आहट के बीच अमेरिका में बड़ा फेरबदल, 32 साल सेवा देने वाले सैन्य अधिकारी को पद से हटाया
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का दबदबा कायम, जानिए ‘उड़ता तीर’ और ‘दृश्यम 3’ की कमाई
बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का दबदबा कायम, जानिए ‘उड़ता तीर’ और ‘दृश्यम 3’ की कमाई
एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर शिकंजा, मसूरी से देहरादून तक सात निर्माण सील
एमडीडीए का अवैध निर्माणों पर शिकंजा, मसूरी से देहरादून तक सात निर्माण सील

माइक्रोप्लास्टिक- छोटे कण, बड़ा नुकसान – जानिए कैसे प्रभावित हो रही आपकी सेहत

माइक्रोप्लास्टिक- छोटे कण, बड़ा नुकसान – जानिए कैसे प्रभावित हो रही आपकी सेहत

प्लास्टिक ने कभी इंसानों की जिंदगी को आसान बनाने का वादा किया था, लेकिन अब यही प्लास्टिक हमारी सेहत के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोज़मर्रा के पानी की बोतल, पैकेज्ड फूड और प्लास्टिक बैग में मौजूद सूक्ष्म कण, जिन्हें माइक्रोप्लास्टिक कहा जाता है, धीरे-धीरे हमारे शरीर में जमा हो रहे हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन रहे हैं।

शोधों से पता चला है कि माइक्रोप्लास्टिक अब लगभग हर इंसान के शरीर में मौजूद हैं। साल 2022 के अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पहली बार इंसानों के खून में इन कणों की पुष्टि की। ये छोटे-छोटे कण खून, अंगों और हड्डियों तक पहुंचकर सूजन, कोशिकाओं को नुकसान और गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं।

रोजाना औसतन हर इंसान लगभग 5 ग्राम माइक्रोप्लास्टिक निगल रहा है। यह कण न केवल खाने और पानी के जरिए शरीर में प्रवेश कर रहे हैं, बल्कि हवा और यहां तक कि नमक में भी मौजूद हैं।

हड्डियों पर असर:
ब्राजील के वैज्ञानिकों की समीक्षा में पता चला कि माइक्रोप्लास्टिक हड्डियों की मज्जा में मौजूद स्टेम सेल्स की कार्यक्षमता को प्रभावित करते हैं। इससे हड्डियों का क्षय तेज होता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन की चेतावनी है कि 2050 तक हड्डियों के टूटने की घटनाएं 32 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं।

फेफड़ों और कैंसर का खतरा:
हवा में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक कण फेफड़ों तक पहुंचकर सूजन, एलर्जी, अस्थमा और लंबे समय में फेफड़ों की क्षमता घटाने का काम कर सकते हैं। कुछ शोधों में इन कणों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी जोड़ा गया है।

बच्चों के लिए खतरा:
विशेषज्ञों का कहना है कि माइक्रोप्लास्टिक बच्चों के लिए भी खतरा हैं। प्लास्टिक की बोतलों और पैकेज्ड फूड के लगातार इस्तेमाल से शरीर में माइक्रोप्लास्टिक की मात्रा बढ़ती है और शिशुओं में क्रॉनिक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

निष्कर्ष:
विज्ञानियों का मानना है कि अगर समय रहते प्लास्टिक प्रदूषण को नियंत्रित नहीं किया गया, तो भविष्य में लाखों लोग हड्डियों, फेफड़ों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करेंगे।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top