Breaking News
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
दर्दनाक सड़क हादसा- गहरी खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत
दर्दनाक सड़क हादसा- गहरी खाई में गिरा वाहन, चालक की मौत
इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य- मुख्यमंत्री
इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य- मुख्यमंत्री
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
प्रधानमंत्री मोदी ने टिहरी सड़क हादसे पर जताया दुःख
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भूतपूर्व सैनिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भूतपूर्व सैनिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री धामी ने उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर किया स्वागत

नेताजी के परिवार ने पीएम को लिखा पत्र- 23 जनवरी से पहले नेताजी के ‘अवशेष’ भारत लाने की मांग

नेताजी के परिवार ने पीएम को लिखा पत्र- 23 जनवरी से पहले नेताजी के ‘अवशेष’ भारत लाने की मांग

कोलकाता: नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रपौत्र चंद्र कुमार बोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी के ‘अवशेष’ जापान के रेनकोजी मंदिर से भारत लाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। उन्होंने आग्रह किया कि नेताजी की जयंती 23 जनवरी से पहले यह कार्य पूरा किया जाए।

चंद्र कुमार बोस ने कहा कि नेताजी के ‘अवशेष’ का अब भी विदेशी भूमि पर रहना उनके प्रति “बड़ा अपमान” है। यह उनके लिए अत्यंत जरूरी है कि नेताजी के अवशेष भारत लाए जाएं और उनके सम्मान में दिल्ली के कर्तव्य पथ पर एक स्मारक स्थापित किया जाए।

पत्र में बोस ने कहा, “नेताजी भारत लौटना चाहते थे, लेकिन स्वतंत्रता की लड़ाई में 18 अगस्त 1945 को अपने प्राणों की आहुति देने के कारण वे ऐसा नहीं कर सके। यह उनके प्रति बड़ा अनादर है कि उनके अवशेष अब भी विदेशी धरती पर पड़े हैं।”

बोस ने प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने नेताजी से जुड़े फाइलों को सार्वजनिक करने की पहल की है। उन्होंने कहा, “भारत सरकार को अब अंतिम बयान जारी करना चाहिए ताकि नेताजी से जुड़ी फर्जी कहानियों का अंत हो सके।”

बोस ने बताया कि 1956 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में नेताजी की मृत्यु की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई थी। इस समिति की रिपोर्ट में दुर्घटना के ग्यारह प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए थे, जिसमें भारतीय सेना के कर्नल हबीब उर रहमान भी शामिल थे, जिन्होंने इस दुर्घटना में नेताजी के साथ यात्रा की थी।

1974 की सरकारी खोसला आयोग रिपोर्ट ने 1956 की शाह नवाज़ रिपोर्ट के निष्कर्षों की पुष्टि की थी, और 2005 की जस्टिस मुखर्जी आयोग की रिपोर्ट, जिसमें कहा गया था कि नेताजी की दुर्घटना में मृत्यु नहीं हुई, को भारतीय सरकार ने खारिज कर दिया था।

बोस ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि नेताजी के ‘अवशेष’ जल्द से जल्द भारत लाए जाएं और उनके सम्मान में एक स्थायी स्मारक बनाया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top