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देहरादून में उत्तराखंड, यूपी और हरियाणा की SDRF ने किया संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास

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देहरादून। आपदा के दौरान विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को देहरादून के मुंडिया गांव में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की एसडीआरएफ टीमों ने संयुक्त आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास में आधुनिक रेस्क्यू तकनीकों, संसाधनों के समन्वित उपयोग और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का व्यावहारिक परीक्षण किया गया।

पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड के निर्देश पर आयोजित इस संयुक्त अभ्यास की शुरुआत टेबल टॉक बैठक से हुई, जिसमें सेनानायक एसडीआरएफ उत्तराखंड अर्पण यदुवंशी ने सभी अधिकारियों और जवानों को आपदा के समय समन्वित कार्यप्रणाली, त्वरित निर्णय और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संयुक्त अभ्यास विभिन्न राज्यों की आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत करने और वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

मॉक ड्रिल के दौरान घटनास्थल के पास इंसिडेंट कमांड पोस्ट और मेडिकल पोस्ट स्थापित किए गए, जहां से पूरे रेस्क्यू अभियान का संचालन किया गया। सूचना मिलते ही जॉलीग्रांट स्थित स्टेजिंग एरिया से तीनों राज्यों की एसडीआरएफ टीमें निर्धारित समय में घटनास्थल पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया।

अभ्यास में रोप रेस्क्यू, कोलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू (CSSR), नदी पार करने की तकनीक, विक्टिम सर्च एवं एक्सट्रैक्शन, कैजुअल्टी इवैक्यूएशन, मेडिकल रिस्पॉन्स, कम्युनिकेशन मैनेजमेंट और इंसिडेंट साइट मैनेजमेंट सहित कई महत्वपूर्ण आपदा प्रबंधन प्रक्रियाओं का सफल प्रदर्शन किया गया। तीनों राज्यों की टीमों ने बेहतर समन्वय, तकनीकी दक्षता और पेशेवर कार्यशैली का परिचय दिया।

संयुक्त अभ्यास में उत्तर प्रदेश एसडीआरएफ की टीम का नेतृत्व सहायक कमांडेंट सोमनाथ यादव और निरीक्षक बृजेश सिंह ने किया, जबकि हरियाणा एसडीआरएफ की टीम का नेतृत्व निरीक्षक शीशराम ने संभाला। अभ्यास के दौरान नियुक्त ऑब्जर्वर्स ने सभी गतिविधियों का मूल्यांकन करते हुए भविष्य में संयुक्त अभियानों को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।

अभ्यास के समापन पर उप सेनानायक शुभांक रतूड़ी ने डी-ब्रीफिंग सत्र आयोजित कर पूरे ऑपरेशन की समीक्षा की। इस दौरान प्रतिभागी टीमों से फीडबैक लिया गया और भविष्य में अंतरराज्यीय संयुक्त आपदा प्रबंधन अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।

एसडीआरएफ अधिकारियों ने बताया कि इस सफल मॉक ड्रिल से विभिन्न राज्यों की आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था और संसाधनों के साझा उपयोग की क्षमता और मजबूत हुई है। भविष्य में भी इस प्रकार के संयुक्त अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।

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