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कौन्ता–ककोड़–हरीशताल मोटर मार्ग की गुणवत्ता की होगी उच्चस्तरीय जांच- जिलाधिकारी
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श्री महंत इन्दिरेश नेत्र बैंक बना उत्तराखण्ड का पहला ट्रेनिंग सेंटर 

श्री महंत इन्दिरेश नेत्र बैंक बना उत्तराखण्ड का पहला ट्रेनिंग सेंटर 
श्री महंत इन्दिरेश नेत्र बैंक जनता की सेवा में समर्पित 
जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाएगा नेत्र बैंक
देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की उपलब्धियों में एक नगीना और जुड़ गया है। श्री महंत इन्दिरेश नेत्र बैंक मंगलवार से जनता की सेवा में समर्पित हो गया है। श्री महंत इन्दिरेश नेत्र बैंक को ट्रेनिंग देने की भी अनुमति प्रदान की गई है। यह बेहद हर्ष का विषय है कि उत्तराखण्ड राज्य में किसी नेत्र बैंक को ट्रेनिंग देने की अनुमति पहली बार प्रदान की गई है। श्री महंत इन्दिरेश नेत्र बैंक में 15 दिनों तक कार्निया को सुरक्षित रखा जा सकता है। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने नेत्र विभाग की पूरी टीम को बधाई एवम् शुभकामनाएं दीें।
मंगलवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में नेत्र बैंक का उद्घाटन हुआ। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलपति एवम् कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ यशबीर दीवान, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ प्रेरक मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक (आॅपरेशन) डाॅ अजय पंडिता, चिकित्सा अधीक्षक (प्रशासन) डाॅ गौरव रतूड़ी व नेत्र विभाग की विभागाध्यक्ष डाॅ तरन्नुम शकील ने संयुक्त रूप से नेत्र बैंक का दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया।
मुख्य अतिथि डाॅ यशबीर दीवान ने कहा कि वह करीब 4 साल पहले इस प्रोजेक्ट के साथ जुड़े थे। उन्होंने इस प्रोजेक्ट से जुड़े कई संस्मरण सांझा किए। उन्होंने देह दान व अंग दान की नियमावली, इसके वैज्ञानिक व मेडिकल पक्ष के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने नेत्र बैंक के खुलने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए नेत्र बैंक की मेडिकल डायरेक्टर डाॅ तरन्नुम शकील व उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होनंे कहा कि आप सभी के सामूुहिक प्रयासों से नेत्र बैंक की स्थापना हो पाई है। जरूरतमंद लोगों को नेत्र बैंक की सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ प्रेरक मित्तल ने नेत्र विभाग की टीम की हौंसलाफजाई करते हुए कहा कि आपका यह प्रयास बहुत से जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाएगा। किसी अंधेरी जिंदगी में रोशनी लाना सबसे बड़ी सेवा है। नेत्र विभाग की पूरी टीम सौभाग्यशाली हैं जो आप लोग अपने जीवन में इस पुण्य के लाभ को अर्जित करने के भागीदार बने हैं।
नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डाॅ तरन्नुम शकील ने जानकारी दी कि श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के कुशल मार्गदर्शन से ही नेत्र बैंक जैसी महत्वपूर्णं सुविधा की स्थापना हो सकी है। उन्होंने नेत्र बैंक की कार्यप्रणाली एवम् भावी योजनओं से अवगत कराया। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल नेत्र बैंक को ट्रेनिंग देने की भी अनुमति प्रदान की गई है। यह बेहद हर्ष का विषय है कि उत्तराखण्ड राज्य में किसी नेत्र बैंक को ट्रेनिंग देने की अनुमति पहली बार प्रदान की गई है। इस नेत्र बैंक से काॅर्निया की अंधता से ग्रसित मरीज़ लाभान्वित होंगे व पुतली प्रत्यारोपण द्वारा नेत्र ज्योति पाने में सक्षम होंगे। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल का नेत्र रोग विभाग समय समय पर जनजागरूकता अभियान चलाकर आमजन को नेत्रदान के लिए जागरूक करेगा।
उन्होंने कहा कि नेत्र विभाग के द्वारा समय समय पर जनजागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। नेत्र बैंक की सेवाओं के बारे में आमजन को व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर जागरूक करेंगे। मंच संचालन डाॅ मोनिका जैन ने किया। इस अवसर पर निदेशक, विकास एवम् प्रशासन डाॅ अमित मैत्रेय, रजिस्ट्रार, कुलसचिव शोध एवम् विकास डाॅ पंकज मिश्रा, श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के चीफ प्रोक्टर मनोज तिवारी, डाॅ तारिक मसूद, डाॅ निधि जैन, डाॅ सीमा आचार्य, डाॅ सदाकत अली, डाॅ राना उस्मानी, डाॅ आर.के.वर्मा., डाॅ निशिथ गोविल आदि उपस्थित थे।

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