Breaking News
7000 बीघा सरकारी जमीन पर घमासान, कांग्रेस ने धामी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
7000 बीघा सरकारी जमीन पर घमासान, कांग्रेस ने धामी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
उत्तराखण्ड में पार्किंग सुविधाओं का हुआ विकास
उत्तराखण्ड में पार्किंग सुविधाओं का हुआ विकास
नैनीताल में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 12 हजार किलो लहन नष्ट और 125 लीटर कच्ची शराब बरामद
नैनीताल में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 12 हजार किलो लहन नष्ट और 125 लीटर कच्ची शराब बरामद
सेवा संकल्प अभियान मोदी के विकसित भारत-2047 का संकल्प- महाराज
सेवा संकल्प अभियान मोदी के विकसित भारत-2047 का संकल्प- महाराज
भारत को बड़ा झटका- एशियाई गेम्स से बाहर हुए वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह
भारत को बड़ा झटका- एशियाई गेम्स से बाहर हुए वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह
बांग्लादेश के अखबार के न्यूजरूम में वरिष्ठ हिंदू पत्रकार का शव मिला, जांच की मांग
बांग्लादेश के अखबार के न्यूजरूम में वरिष्ठ हिंदू पत्रकार का शव मिला, जांच की मांग
डोडा में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, ऑपरेशन अशदर में ढेर आतंकी का शव बरामद
डोडा में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, ऑपरेशन अशदर में ढेर आतंकी का शव बरामद
अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने करोड़ रुपये
एसजीआरआरयू में तंबाकू के खिलाफ गूंजी हुंकार, सैकड़ों युवाओं ने लिया संकल्प
एसजीआरआरयू में तंबाकू के खिलाफ गूंजी हुंकार, सैकड़ों युवाओं ने लिया संकल्प

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की दी शुभकामनाएं

देहरादून।  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामना देते हुए कहा कि यह पर्व उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण संरक्षण की हमारी परंपरा का प्रतीक है। हरेला न केवल हरियाली और समृद्धि का संदेश देता है, बल्कि हमें पर्यावरण की देखभाल के प्रति जागरूक भी करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला पर्व हमें अपनी धरती और पर्यावरण की देखभाल के प्रति प्रेरित करता है। आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध और स्वस्थ वातावरण देने के लिए वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान समय में ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर समस्या है, हरेला पर्व इसके प्रभावों को कम करने का भी सन्देश देता है।उन्होंने सभी प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में जन सहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी सामाजिक संगठनों और संस्थाओं से भी सहयोग की अपील की है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपने धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के लिए विख्यात है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता पर्यटकों को आकर्षित करती है। इसलिए, पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। हमें अपने जल स्रोतों, नदियों और गदेरों के पुनर्जीवन और संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लोक पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए हम सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे। तभी हम अपनी सांस्कृतिक और पारंपरिक जड़ों से जुड़े रह पाएंगे और इसे अगली पीढ़ी तक पहुंचा पाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और इसे अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाने की भी अपील की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top