Breaking News
सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर रहें- सीएम
सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर रहें- सीएम
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते दो दिन के लिए रोकी गई चारधाम यात्रा
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते दो दिन के लिए रोकी गई चारधाम यात्रा
पुल और उसका स्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित- महाराज
पुल और उसका स्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित- महाराज
SDRF ने तिलवाड़ा में नदी के बीच टापू पर फंसी तीन महिलाओं का किया सफल रेस्क्यू
SDRF ने तिलवाड़ा में नदी के बीच टापू पर फंसी तीन महिलाओं का किया सफल रेस्क्यू
स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री
स्वच्छ, आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था के निर्माण के लिए सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम घोषित, शुभमन गिल को मिली कप्तानी
श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम घोषित, शुभमन गिल को मिली कप्तानी
उत्तराखंड में एंट्री को तैयार “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)”? 2027 से पहले मचा सियासी बवाल
उत्तराखंड में एंट्री को तैयार “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)”? 2027 से पहले मचा सियासी बवाल
भारी बारिश से केदारनाथ हाईवे कई जगह बाधित, बोल्डर और मलबा गिरने से रुकी आवाजाही
भारी बारिश से केदारनाथ हाईवे कई जगह बाधित, बोल्डर और मलबा गिरने से रुकी आवाजाही
भारी बारिश के बीच डीएम मैदान में, क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द बहाल करने के निर्देश
भारी बारिश के बीच डीएम मैदान में, क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द बहाल करने के निर्देश

पुरी रथ यात्रा के तीन पहिए अब संसद परिसर में होंगे स्थापित

पुरी रथ यात्रा के तीन पहिए अब संसद परिसर में होंगे स्थापित

नई दिल्ली: विश्वप्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा के रथों के तीन पहिए अब संसद परिसर में स्थापित किए जाएंगे। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने बताया कि यह प्रस्ताव लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने पुरी यात्रा के दौरान रखा गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।

एसजेटीए के प्रमुख प्रशासक अरविंद के मुताबिक, तीनों पहिए भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र के रथों से निकाले जाएंगे। भगवान जगन्नाथ के रथ का नाम नंदीघोष, देवी सुभद्रा का रथ दर्पदलन और भगवान बलभद्र का रथ तालध्वज है। इन रथों से प्रत्येक रथ का एक पहिया दिल्ली भेजा जाएगा, जो संसद में स्थापित किया जाएगा।

संसद में संस्कृति का दूसरा प्रतीक

दो साल पहले 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के बगल में सेंगोल स्थापित किया था। रथ यात्रा के पहिए लगाने के बाद यह संसद परिसर में स्थापित होने वाला संस्कृति से जुड़ा दूसरा प्रतीक होगा।

सेंगोल को अंग्रेजों ने 14 अगस्त 1947 की रात पंडित नेहरू को सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में सौंपा था। 1960 से पहले इसे आनंद भवन में रखा गया था और 1978 से यह इलाहाबाद म्यूजियम में रखा गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top