Breaking News
मुख्यमंत्री से विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने की भेंट
मुख्यमंत्री से विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने की भेंट
तमकनाला आपदा पर CM धामी की सीधी नजर
तमकनाला आपदा पर CM धामी की सीधी नजर
ताकुला चुंगी के पास 100 मीटर गहरी खाई में गिरी कार,चार लोग घायल
ताकुला चुंगी के पास 100 मीटर गहरी खाई में गिरी कार,चार लोग घायल
सोने-चांदी के दाम में फिर उछाल, सोना 1.55 लाख के पार, चांदी भी 2.40 लाख के करीब
सोने-चांदी के दाम में फिर उछाल, सोना 1.55 लाख के पार, चांदी भी 2.40 लाख के करीब
हल्द्वानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, डेयरी प्रतिष्ठानों से पनीर और घी के नमूने लिए
हल्द्वानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, डेयरी प्रतिष्ठानों से पनीर और घी के नमूने लिए
शिक्षा सुविधाओं के विकास को लेकर संसद में अजय भट्ट ने उठाया सवाल
शिक्षा सुविधाओं के विकास को लेकर संसद में अजय भट्ट ने उठाया सवाल
केला खाने का सही समय क्या है? जानिए सुबह, दोपहर या रात में कब खाना ज्यादा बेहतर
केला खाने का सही समय क्या है? जानिए सुबह, दोपहर या रात में कब खाना ज्यादा बेहतर
पीएम मोदी समेत NDA सांसदों ने लहराया तिरंगा, झारखंड छात्र प्रदर्शन पर संसद में प्रदर्शन
पीएम मोदी समेत NDA सांसदों ने लहराया तिरंगा, झारखंड छात्र प्रदर्शन पर संसद में प्रदर्शन
मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, एक साल में 1500 टी20 रन बनाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाडी बने
मिचेल मार्श ने रचा इतिहास, एक साल में 1500 टी20 रन बनाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाडी बने

कैबिनेट विस्तार की आहट में तेज़ हुई त्रिवेंद्र की सक्रियता, पर भाजपा का भरोसा धामी के नेतृत्व पर कायम

कैबिनेट विस्तार की आहट में तेज़ हुई त्रिवेंद्र की सक्रियता, पर भाजपा का भरोसा धामी के नेतृत्व पर कायम

देहरादून:  उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गर्म होती दिख रही है। भाजपा संगठन और सरकार के भीतर कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज़ कर दी है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की वरिष्ठ नेताओं से हालिया मुलाक़ातों ने नई चर्चाओं को जन्म दिया है।

त्रिवेंद्र की मुलाक़ातें बनी चर्चा का विषय

बीते दिनों त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से शिष्टाचार भेंट की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन मुलाक़ातों को साधारण बातचीत भर कहना आसान है, लेकिन कैबिनेट विस्तार की आहट में इन्हें नए समीकरणों से भी जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उनके संसदीय क्षेत्र हरिद्वार के विकास कार्यों जनसमस्याओं को भी इससे देखकर जोड़ा जा रहा है।

संगठन व सरकार में धामी की पकड़ और मजबूत

वहीं सोशल मीडिया में उड़ रही सत्ता परिवर्तन की अफवाहों पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कम उम्र में राज्य की कमान संभालने के बाद जिस प्रकार निर्णय लिए हैं, उसने जनता और संगठन दोनों का विश्वास और भी पुख़्ता किया है। उनकी कार्यशैली को लेकर पार्टी में स्पष्ट धारणा है कि धामी एक निर्णायक और स्पष्ट नेतृत्व देने वाले नेता हैं। हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों में भी भाजपा ने जिस तरह युवाओं और नए चेहरों को प्राथमिकता दी, उसमें मुख्यमंत्री धामी की सोच और रणनीति साफ़ झलकी। यही वजह है कि संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर धामी की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है।

भाजपा का फोकस – 2027 और कुंभ 2027

राज्य की राजनीति में आने वाले समय के लिए भाजपा ने दो बड़े लक्ष्य तय किए हैं 2027 का कुंभ और विधानसभा चुनाव। पार्टी की रणनीति है कि इन आयोजनों को विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक बनाया जाए। धामी सरकार पहले ही इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है।

संतुलित सक्रियता, लेकिन अंतिम भरोसा धामी पर

विशेषज्ञ मानते हैं कि भाजपा के भीतर समय-समय पर ऐसी हलचलें होना स्वाभाविक है। वरिष्ठ नेता अपने अनुभव और सक्रियता से संगठन को ऊर्जा देते हैं, वहीं युवा नेतृत्व भविष्य की राह तय करता है। उत्तराखंड में यह भूमिका मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बखूबी निभा रहे हैं। फिलहाल, यह साफ़ है कि हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की सक्रियता चर्चा में है, लेकिन भाजपा के भीतर अंतिम भरोसा और निर्णायक नेतृत्व मुख्यमंत्री धामी पर ही कायम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top