Breaking News
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
मसूरी की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश, मंत्री गणेश जोशी ने की समीक्षा बैठक
मसूरी की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश, मंत्री गणेश जोशी ने की समीक्षा बैठक
गोलू देव और हरज्यू देव की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान- रेखा आर्या
गोलू देव और हरज्यू देव की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान- रेखा आर्या
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला- मुख्यमंत्री
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला- मुख्यमंत्री
कारगिल के रणबांकुरों को आइबेक्स ब्रिगेड का शौर्यपूर्ण नमन
कारगिल के रणबांकुरों को आइबेक्स ब्रिगेड का शौर्यपूर्ण नमन
दून पुलिस की मुस्तैदी से चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपी रंगेहाथ गिरफ्तार
दून पुलिस की मुस्तैदी से चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपी रंगेहाथ गिरफ्तार
देहरादून में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 1.521 किलो कैटामाइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
देहरादून में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 1.521 किलो कैटामाइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह
प्रतिभा सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, मुख्यमंत्री ने बढ़ाया उत्साह

विधि-विधान के साथ बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट

विधि-विधान के साथ बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट

इस वर्ष डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने किए भगवान तुंगनाथ के दर्शन

रुद्रप्रयाग।  तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकालीन प्रवास के लिए विधि-विधान के साथ आज बंद कर दिए गए। इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ऊँचाई पर स्थित इस पवित्र धाम में दर्शन किए। आंकड़ों के अनुसार इस बार लगभग डेढ़ लाख भक्तों ने तुंगनाथ पहुंचकर बाबा के दर्शन प्राप्त किए।

कपाट बंद होने के साथ ही भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली आज प्रथम पड़ाव चोपता के लिए रवाना हुई। कपाट बंद होने की इस ऐतिहासिक और भावुक प्रक्रिया का साक्षी बनने के लिए 500 से अधिक श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे।

बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की मौजूदगी में सुबह करीब साढ़े दस बजे कपाट बंद करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हुई। भोग, यज्ञ और हवन के बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप देकर ठीक 11:30 बजे मंदिर के मुख्य द्वार शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top