Breaking News
ऑरेंज अलर्ट पर नैनीताल प्रशासन हाई अलर्ट, 29 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी
ऑरेंज अलर्ट पर नैनीताल प्रशासन हाई अलर्ट, 29 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी
मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर देहरादून–कोटा नंदा देवी एक्सप्रेस को मुंबई तक विस्तारित किए जाने का रेल मंत्री ने दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर देहरादून–कोटा नंदा देवी एक्सप्रेस को मुंबई तक विस्तारित किए जाने का रेल मंत्री ने दिया आश्वासन
देहरादून में उत्तराखंड, यूपी और हरियाणा की SDRF ने किया संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास
देहरादून में उत्तराखंड, यूपी और हरियाणा की SDRF ने किया संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास
राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, इलेक्ट्रिक कार निर्माण को बढ़ावा देने की योजना पर सरकार ने दिया जवाब
राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, इलेक्ट्रिक कार निर्माण को बढ़ावा देने की योजना पर सरकार ने दिया जवाब
अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का मंत्री गणेश जोशी ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मतदाता सूची पुनरीक्षण की जमीनी पड़ताल को ग्राउंड जीरो पर उतरे डीएम
मतदाता सूची पुनरीक्षण की जमीनी पड़ताल को ग्राउंड जीरो पर उतरे डीएम
उत्तराखण्ड पुलिस में संदिग्ध अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्रों के आधार पर हुई नियुक्तियों की हो उच्चस्तरीय जांच
उत्तराखण्ड पुलिस में संदिग्ध अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्रों के आधार पर हुई नियुक्तियों की हो उच्चस्तरीय जांच
देहरादून में पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत फरार नशा तस्कर गिरफ्तार
देहरादून में पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत फरार नशा तस्कर गिरफ्तार
अवैध मादक पदार्थों के साथ एक नशा तस्कर गिरफ्तार
अवैध मादक पदार्थों के साथ एक नशा तस्कर गिरफ्तार

विधि-विधान के साथ बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट

विधि-विधान के साथ बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट

इस वर्ष डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने किए भगवान तुंगनाथ के दर्शन

रुद्रप्रयाग।  तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकालीन प्रवास के लिए विधि-विधान के साथ आज बंद कर दिए गए। इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ऊँचाई पर स्थित इस पवित्र धाम में दर्शन किए। आंकड़ों के अनुसार इस बार लगभग डेढ़ लाख भक्तों ने तुंगनाथ पहुंचकर बाबा के दर्शन प्राप्त किए।

कपाट बंद होने के साथ ही भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली आज प्रथम पड़ाव चोपता के लिए रवाना हुई। कपाट बंद होने की इस ऐतिहासिक और भावुक प्रक्रिया का साक्षी बनने के लिए 500 से अधिक श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे।

बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की मौजूदगी में सुबह करीब साढ़े दस बजे कपाट बंद करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हुई। भोग, यज्ञ और हवन के बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप देकर ठीक 11:30 बजे मंदिर के मुख्य द्वार शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top